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ईरान ने मिडिल ईस्ट के देशों को दी चेतावनी, अमेरिका का समर्थन माना जाएगा ईरान के खिलाफ दुश्मनी का कदम

Iran-US Conflict: ईरान ने मिडिल ईस्ट के देशों को चेतावनी दे दी है। क्या है इसकी वजह? आइए नज़र डालते हैं।
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Updated: 23 Oct 2026, 6:36 PM IST
Fada Hossein Maleki
फदा हुसैन मलेकी (Photo - ANI)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच हुए युद्ध में फिलहाल हमले रुके हुए हैं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कई मौकों पर संकेत दिया है कि देश में मिडटर्म चुनाव के बाद फिर से ईरान पर हमले शुरू किए जा सकते हैं। ईरान पहले ही कह चुका है कि अगर फिर से उसके खिलाफ हमले शुरू हुए, तो उसकी सेना अमेरिकी हमलों का करारा जवाब देगी। अब ईरान के एक अधिकारी ने मिडिल ईस्ट (Middle East) के देशों को चेतावनी दे दी है।

अमेरिका का समर्थन माना जाएगा ईरान के खिलाफ दुश्मनी का कदम

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के सदस्य फदा हुसैन मलेकी (Fada Hossein Maleki) ने मिडिल ईस्ट में सभी देशों को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका के खिलाफ फिर से जंग छिड़ती है और मिडिल ईस्ट के देश इसमें अमेरिका का समर्थन करते हैं, तो इसे ईरान के खिलाफ दुश्मनी का कदम माना जाएगा। मलेकी ने एक इंटरव्यू में कहा कि अगर हमलों का सिलसिला फिर से शुरू होता है, तो ईरान यह पहचान लेगा कि कौन से क्षेत्रीय देश अमेरिकी सेना का समर्थन करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने आगे कहा, "ऐसी स्थिति में, ईरान जो फैसले लेगा, वो सिर्फ उन देशों के सैन्य ठिकानों पर हमले तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन देशों को खुद ही ईरान का दुश्मन देश माना जाएगा।"

क्या है चेतावनी की वजह?

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध में अमेरिकी सेना ने समय-समय पर मिडिल ईस्ट में अपने सभी सहयोगी देशों में स्थित सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल न सिर्फ अपने सैनिकों की तैनाती और फाइटर जेट्स, हथियार और अन्य चीज़ों के स्टोरेज के लिए किया, बल्कि इनका इस्तेमाल ईरान पर हमलों के लिए भी किया। ईरान ने कई बार इन देशों को अपने सैन्य ठिकानों का अमेरिकी सेना को इस्तेमाल न करने देने की चेतावनी भी दी, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ, जिसके जवाब में ईरान ने अमेरिका के इन सहयोगी देशों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, ईरान ने अमेरिका समर्थित ऊर्जा ठिकानों पर भी हमले किए, जिससे इन देशों को काफी नुकसान झेलना पड़ा। ऐसे में अब ईरान की तरफ से पहले ही मिडिल ईस्ट के इन देशों के लिए चेतावनी जारी कर दी गई है।