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अमेरिका के खतरे के बीच आईआरजीसी ने किया होर्मुज स्ट्रेट पर पूरे कंट्रोल का दावा

Iran-US Conflict: देश में मिडटर्म चुनाव के बाद अमेरिका फिर से ईरान पर हमले शुरू कर सकता है। अमेरिका के खतरे के बीच आईआरजीसी ने होर्मुज स्ट्रेट पर पूरे कंट्रोल का दावा किया है।
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भारत

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Tanay Mishra

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Updated: 24 Oct 2026, 6:54 PM IST

Strait of Hormuz

होर्मुज स्ट्रेट (Representational Photo)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच भले ही हमले रुके हुए हैं, लेकिन युद्ध अभी भी खत्म नहीं हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर भी दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बरकरार है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) देश में मिडटर्म चुनाव के बाद फिर से ईरान पर हमले शुरू करने का आदेश दे सकते हैं। अमेरिका के खतरे के बीच आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) ने होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल के बारे में बड़ी बात कह दी है।

होर्मुज स्ट्रेट पर पूरे कंट्रोल का दावा

आईआरजीसी ने होर्मुज स्ट्रेट पर पूरे कंट्रोल का दावा किया है। साथ ही आईआरजीसी ने कहा कि इस जलमार्ग से गुज़रने वाले जहाजों की सुरक्षा ईरानी नियमों के अनुसार सुनिश्चित की जा रही है।

ईरान ने दी चेतावनी

अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी सैन्य जहाजों को फारस की खाड़ी में घुसने नहीं दिया जाएगा। यह चेतावनी अमेरिका के उन दावों को चुनौती देती है, जिनमें कहा गया था कि ईरान की सैन्य क्षमताएं काफी कमजोर हो गई हैं। ईरान की सेना के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही (Ali Abdollahi) ने कहा कि ईरानी सेना ने क्षेत्र में अमेरिकी नेवी को बेअसर कर दिया है। अब्दुल्लाही ने कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति अब बस यही सपना देख सकते हैं कि उनकी सेना फिर से फारस की खाड़ी में आएं। उनकी यह इच्छा उनके साथ ही कब्र में चली जाएगी। हम किसी भी परिस्थिति में और किसी भी समय अमेरिकी नेवी के जहाजों को फारस की खाड़ी में प्रवेश नहीं करने देंगे।" अब्दुल्लाही ने ट्रंप के बार-बार किए गए दावों पर भी सवाल उठाया, जिनमें कहा गया था कि ईरान की परमाणु सुविधाएं नष्ट कर दी गई हैं। अब्दुल्लाही ने पूछा, "अगर ये सुविधाएं पहले ही खत्म हो चुकी हैं, तो अमेरिका हमारे परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता क्यों जता रहा है?"

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्रंप कई मौकों पर कह चुके हैं कि वह कभी भी ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे। हालांकि ईरान का इस मामले पर रुख साफ है कि वो परमाणु हथियार बनाना नहीं चाहता, बल्कि सिर्फ अपने देशवासियों के लिए परमाणु ऊर्जा विकसित करना चाहता है।

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