Middle East Crisis: ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में UAE को अमेरिका द्वारा किए गए हमलों के लिए "अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदार" ठहराया है।
US Israel Iran War: ईरान के संयुक्त राष्ट्र (UN) दूत, अमीर सईद इरावानी ने औपचारिक रूप से संयुक्त राष्ट्र महासचिव और सुरक्षा परिषद को सूचित किया है कि अमेरिका को हमलों के लिए अपनी जमीन उपलब्ध कराने के लिए UAE अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदार है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने UAE से सभी नुकसानों के लिए पूर्ण मुआवजे की मांग की है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच बीच ईरानी सशस्त्र बल क्षेत्रीय प्रतिरोध समूहों (Regional resistance groups) के साथ मिलकर अमेरिका और इजरायल को निशाना बनाते हुए जवाबी सैन्य अभियान जारी रखे हुए हैं।
उधर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने देश पर हमले को लेकर अमेरिका और इजरायल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध केवल ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव अमेरिकी नागरिकों और उनकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। अराघची ने बताया कि अब तक इस युद्ध पर लगभग 200 अरब डॉलर खर्च हो चुका है और यह खर्च भविष्य में ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। उन्होंने इसे इजरायल फर्स्ट टैक्स करार देते हुए कहा कि इस आर्थिक बोझ को आम अमेरिकी नागरिकों को वहन करना होगा।
इजरायल ने ईरान के सबसे बड़े पार्स गैस फील्ड पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने कतर की मेन गैस फैसिलिटी पर बड़ा हमला किया, जिससे कतर को भारी नुकसान हुआ। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी जारी की है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इजराइल की मदद या सहमति के बिना भी ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड को पहले कभी न देखी गई ताकत से नष्ट कर सकता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें इजरायल के हमले की पूर्व जानकारी नहीं थी। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि मिडिल ईस्ट में जो हुआ, उससे गुस्से में इजरायल ने ईरान के दक्षिण पार्स गैस फील्ड पर हिंसक हमला किया। पूरे इलाके का केवल एक छोटा हिस्सा प्रभावित हुआ। अमेरिका को इस हमले की कोई जानकारी नहीं थी और कतर का इसमें कोई रोल नहीं था। उन्होंने आगे कहा कि इजरायल अब साउथ पार्स फील्ड पर और हमला नहीं करेगा।