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Iran-Israel War: इजरायल ने इराक में बनाया सैन्य बेस, इराकी सैनिकों को हटाने के लिए किया हमला

Israel Iran War: इजरायल ने ईरान युद्ध के दौरान इराक के रेगिस्तान में सीक्रेट सैन्य अड्डा बनाया था, यहां से एयरफोर्स और स्पेशल ऑपरेशन चलाए जा रहे थे।

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भारत

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Ankit Sai

May 10, 2026

इजरायल ने इराक के रेगिस्तान में बनाया सीक्रेट बेस

इजरायल ने इराक के रेगिस्तान में बनाया सीक्रेट बेस (AI Photo)

Israel Secret Base: ईरान के खिलाफ युद्ध के दौरान इजरायल ने इराक के रेगिस्तान में एक सीक्रेट सैन्य अड्डा बनाया था। यह बेस इजरायली एयरफोर्स (Air Force) के लिए लॉजिस्टिक हब और स्पेशल फोर्सेज ऑपरेशन सेंटर के तौर पर इस्तेमाल हो रहा था। इस बेस की मदद से इजरायल ईरान के युद्ध क्षेत्र के ज्यादा करीब पहुंच सका। शुरुआती दिनों में इराकी सैनिक इस गुप्त अड्डे तक पहुंचने वाले थे, लेकिन उन्हें रोकने के लिए एयरस्ट्राइक (Airstrike) की गई। बताया गया कि यह ठिकाना अमेरिका की जानकारी में बनाया गया था।

चरवाहे की सूचना से खुलने वाला था राज

यह सीक्रेट ऑपरेशन शुरुआत में लगभग उजागर हो गया था। इराकी सरकारी मीडिया के मुताबिक इलाके के एक चरवाहे ने वहां असामान्य सैन्य गतिविधियां और हेलीकॉप्टर उड़ते देखे थे। इसके बाद इराकी सेना जांच के लिए मौके पर पहुंची। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से कहा कि इजरायल ने इराकी सैनिकों को दूर रखने के लिए एयरस्ट्राइक की। हालांकि इजरायली सेना (IDF) ने इस कथित हमले को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। उस समय इराक सरकार ने इस हमले की निंदा की थी, जिसमें एक इराकी सैनिक की मौत हुई थी। इराक के संयुक्त ऑपरेशन कमांड के डिप्टी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल कैस अल-मुहम्मदावी ने कहा यह लापरवाही भरा और बिना किसी तालमेल या मंजूरी के चलाया गया ऑपरेशन था।

अमेरिका पर लगा था हमला कराने का आरोप

इराक ने संयुक्त राष्ट्र में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि इस हमले में विदेशी ताकतों और एयरस्ट्राइक का इस्तेमाल हुआ। इराक ने इसका आरोप अमेरिका पर लगाया था। इस हमले में अमेरिका शामिल नहीं था। अमेरिका ने केवल अपने सैन्य ठिकानों और संपत्तियों की सुरक्षा के लिए इराक में कई बार कार्रवाई की थी। यह घटना उस समय इराकी और अरब मीडिया में काफी चर्चा में रही थी और इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए गए थे।

इजरायल के लिए क्यों जरूरी था यह बेस?

गुप्त बेस इजरायल के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम था। इससे इजरायल को ईरान के ज्यादा करीब रहकर ऑपरेशन चलाने में मदद मिली। यहां सर्च एंड रेस्क्यू टीमें तैनात थीं ताकि अगर किसी इजरायली विमान को नुकसान पहुंचे तो तुरंत बचाव अभियान चलाया जा सके। इजरायली एयरफोर्स की स्पेशल फोर्स यूनिट्स भी यहां मौजूद थीं, जिन्हें दुश्मन इलाके में कमांडो ऑपरेशन चलाने की ट्रेनिंग दी जाती है। ईरान के खिलाफ पांच हफ्तों तक चले अभियान में इजरायल ने हजारों एयरस्ट्राइक की थीं।

अमेरिकी लड़ाकू विमान हादसे में भी मदद का दावा

जब ईरान ने इस्फहान के पास अमेरिकी F-15 विमान को मार गिराया था, तब इजरायल ने मदद की पेशकश की थी। कहा गया कि इराक स्थित इसी बेस पर मौजूद सर्च एंड रेस्क्यू टीमों को इसके लिए तैयार रखा गया था। हालांकि अमेरिकी सैनिकों को अमेरिका ने खुद बचाया, लेकिन इजरायल ने एयरस्ट्राइक के जरिए उस मिशन की सुरक्षा में मदद की।

रेगिस्तानी इलाका बना गुप्त ऑपरेशन का केंद्र

इराक का पश्चिमी रेगिस्तानी इलाका काफी बड़ा और कम आबादी वाला है, इसलिए यह अस्थायी सैन्य ठिकानों के लिए बेहद उपयुक्त माना जाता है। उन्होंने बताया कि अमेरिका की स्पेशल फोर्सेज भी साल 1991 और 2003 में सद्दाम हुसैन के खिलाफ अभियानों के दौरान इस इलाके का इस्तेमाल कर चुकी हैं। युद्ध के दौरान इजरायली अधिकारियों ने कई बार गुप्त अभियानों के संकेत दिए थे। मार्च की शुरुआत में इजरायली एयरफोर्स प्रमुख टोमर बार ने अपने सैनिकों को लिखे पत्र में कहा की वायुसेना की विशेष इकाइयों के लड़ाके ऐसे विशेष मिशनों को अंजाम दे रहे हैं, जो लोगों की कल्पना को जगा सकते हैं। टोमर बार का कार्यकाल मई की शुरुआत में खत्म हुआ था।