
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच अभी तक युद्ध का स्थायी अंत नहीं हुआ है। दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। ईरान ने कहा है कि वो बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन झुकेगा नहीं। हालांकि दोनों देशों के बीच किसी भी डील पर सहमति नहीं बन रही है। इसी बीच ईरान ने अमेरिका को धमकी दी है।
ईरान के मुख्य सैन्य कमांड खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर (Khatam al-Anbiya Central Headquarters) की तरफ से धमकी दी गई है कि अगर अमेरिका की तरफ से कोई गलती की गई, तो मिडिल ईस्ट में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए जाएंगे।
ईरान की यह धमकी ऐसे समय में आई है जब दोनों देशों के बीच डील अधर में झूल रही है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने हाल ही में ईरान के नए सीज़फायर प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के बाद एक बार फिर ईरान पर बमबारी की जाने की संभावना है। मिडिल ईस्ट इस समय सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील मोड़ पर है। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई अगर फिर शुरू हुई, तो क्षेत्र में तनाव और बढ़ जाएगा। हालांकि मध्यस्थता और बातचीत के प्रयास जारी हैं।
ईरान ने साफ कर दिया है कि उसकी तरफ से युद्ध शुरू नहीं किया जाएगा, लेकिन अगर दुश्मन ने युद्ध थोपा, तो उसका करारा जवाब देगा। ईरान की सेना देश की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है।
ईरान ने हाल ही में फिर से अपना पक्ष रखा है और साफ कर दिया है कि वो शांति चाहता है और युद्ध-विराम व बातचीत फिर से शुरू करने के लिए अपनी शर्तें भी बताई हैं। हालांकि ईरान ने यह भी बता दिया है कि वो आक्रामकता के दबाव में झुकेगा नहीं। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने कुछ दिन पहले ही चेतावनी दी थी कि ईरान बिना किसी रोक-टोक के अपनी मर्ज़ी से कहीं भी मिसाइल अटैक कर सकता है। ईरानी संसद के स्पीकर ने साफ कर दिया है कि ईरान की मिसाइलें बिना किसी रोक-टोक के किसी भी जगह को निशाना बना सकती हैं। मौजूदा हाइब्रिड संघर्ष, जिसमें आर्थिक, सैन्य, कूटनीतिक और अन्य पहलू शामिल हैं, में ईरान कभी भी घुटने नहीं टेकेगा और न ही देश की प्रगति को रुकने देगा। ईरान पूरी ताकत के साथ किसी भी हमले का जवाब देगा, जैसा कि उसने अब तक किया है। ईरान ने हर मोर्चे पर दुश्मन को बेअसर कर दिया है।"