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युद्ध विराम समझौते के बाद ईरान का चौंकाने वाला फैसला, होर्मुज से एक दिन में गुजरेंगे सिर्फ 15 जहाज़!

US Iran temporary peace agreement: अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही पर बढ़ा विवाद। ईरान ने सीमित सीमित संख्या में जहाजों के गुजरने की शर्तें रखीं।
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Apr 09, 2026
mojtaba khamenei
(ANI)

Iran on hormuz Strait: अमेरिका और ईरान के बीच 7 अप्रैल को दो सप्ताह के लिए युद्धविराम समझौते पर सहमति बनी थी। इस अस्थायी शांति समझौते में अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही की बात कही थी, लेकिन अब इसको लेकर ईरान के रुख में बदलाव नजर आ रहा है। दरअसल, यह दावा रूस की समाचार एजेंसी 'तास' ने किया है।

रूसी समाचार एजेंसी के दावे के मुताबिक, ईरान शांति समझौते की शर्तों के तहत होर्मुज स्ट्रेट से एक दिन में सिर्फ 10-15 जहाजों को ही गुजरने देगा। इसके लिए जहाजों को ईरानी अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी और संभवतः अन्य प्रक्रियाएं भी पूरी करनी पड़ेंगी।

हालांकि, इससे पहले आई रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ईरान सीजफायर समझौते के तहत दो सप्ताह तक जहाजों की निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा। ईरान की तरफ से अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यदि ऐसा होता है तो यह अमेरिका और उनके सहयोगियों के लिए किसी झटके से कम नहीं होगा, वह भी तब जब दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल की बैठक इस्लामाबाद (पाकिस्तान) में होने जा रही है।

होर्मुज को लेकर नया नक्शा जारी

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए नया नक्शा जारी किया है। इसका मकसद होर्मुज में बिछी बारूदी सुरंगों से जहाजों को बचाना है। रिपोर्ट के मुताबिक, आमतौर पर जहाज ओमान के किनारे से गुजरते थे, लेकिन अब उन्हें ईरान के किनारे से गुजरने की सलाह दी गई है, ताकि बारूदी सुरंग वाले इलाकों से बचा जा सके।

युद्धविराम सीमित नहीं रहना चाहिए: EU

उधर, ईरान द्वारा युद्धविराम के उल्लंघन के आरोपों और इस्लामाबाद में होने वाली दोनों देशों की बैठक से पहले यूरोपियन यूनियन की तरफ से बड़ी मांग की गई है। यूरोपियन यूनियन की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम सिर्फ वहीं सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे लेबनान तक भी बढ़ाया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि लेबनान के समूह हिज़बुल्लाह को भी हथियार छोड़ने चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इजरायल की हाल की कार्रवाइयों से युद्धविराम कमजोर पड़ रहा है।

Updated on:
09 Apr 2026 07:07 pm
Published on:
09 Apr 2026 07:07 pm