ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की 'किल डिप्लोमेसी' को लेकर अमेरिका को चेताया है। क्या है पूरा मामला? आइए जानते हैं।
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच दो हफ्ते का सीज़फायर लागू हो गया है। सीज़फायर के दौरान दोनों पक्षों की तरफ से हमले नहीं किए जाएंगे और ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को भी खोल दिया। हालांकि लेबनान (Lebanon) पर इज़रायल (Israel) अभी भी हमले कर रहा है, जिसकी वजह से ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया था। लेकिन अब होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों को गुज़रने दिया जा रहा है। हालांकि खतरे को देखते हुए कम ही जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुज़र रहे हैं। सीज़फायर की मुख्य शर्तों में लेबनान पर इज़रायली हमलों को रोकना भी शामिल था, जो अभी तक नहीं हुआ है। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका को चेतावनी दी है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की 'किल डिप्लोमेसी' खतरनाक है। अराघची ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "नेतन्याहू का आपराधिक मुकदमा रविवार को फिर से शुरू होगा। पूरे क्षेत्र में, जिसमें लेबनान भी शामिल है, अगर युद्धविराम हो जाता है, तो इससे उनके जेल जाने की प्रक्रिया तेज़ हो जाएगी। अगर अमेरिका नेतनयाहू को डिल्पोमेसी को खत्म करने की छूट देकर अपनी अर्थव्यवस्था को तबाह करना चाहता है, तो यह आखिरकार उसका ही फ़ैसला होगा। हमें लगता है कि यह एक बेवकूफ़ी भरा कदम होगा, लेकिन हम इसके लिए तैयार हैं।"
इस बीच लेबनान में सीज़फायर की मांग तेज़ हो गई है। आतंकी संगठन हिज़बुल्लाह से जंग में इज़रायल लगातार लेबनान पर हमले कर रहा है, जिससे तबाही मच गई है। नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि हिज़बुल्लाह से सीज़फायर नहीं होगा और इज़रायल अपने हमले जारी रखेगा। हालांकि दोनों पक्षों के बीच अगले हफ्ते अमेरिका में बातचीत हो सकती है।