Mother sexually assaulted daughter: एक मां को अपनी बच्ची का यौन शोषण करने और उसके बलात्कार में मदद करने के आरोप में दोषी करार दिया गया है। अदालत ने उसे 15 साल की सजा सुनाई है। इस मामले ने सभी को हिलाकर रख दिया है।
Mother sexually assaulted daughter: एक चौंकाने वाले मामले में मां को अपनी बच्ची के यौन शोषण का दोषी ठहराया गया है। इसके अलावा, उसे बच्ची के बलात्कार में अपने भाई की मदद का भी दोषी पाया गया है। आयरलैंड की अदालत ने जल्लाद मां और उसके भाई को 15 साल जेल की सजा सुनाई है। इस मामले ने सभी को हिलाकर रख दिया है। लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर एक मां ऐसा कैसे कर सकती है। महिला ने पहले खुद अपनी बच्ची का यौन शोषण किया फिर अपने भाई के सामने उसे परोस दिया।
मिरर यूके की रिपोर्ट के अनुसार, दोषी करार दी गई महिला आयरलैंड की राजधानी डबलिन की रहने वाली है। सेंट्रल क्रिमिनल कोर्ट ने सभी दलीलों को सुनने के पश्चात दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 15 साल जेल की सजा सुनाई है। महिला अपने पैरेंट्स के घर में रह रही थी। वहीं, उसने पहले खुद अपनी बच्ची का यौन शोषण किया फिर अपने भाई यानी बच्ची के मामा को उसका बलात्कार करने दिया। यह वारदात 2001 की है, जिसमें अब जाकर अदालत ने सजा सुनाई है। घटना के समय बच्ची की उम्र केवल 4 साल थी। अदालत ने कहा कि यह एक ऐसा मामला है, जिसमें किसी भी तरह की रियायत की उम्मीद नहीं की जा सकती।
पुलिस ने अदालत को बताया कि जब बच्ची का मामा उसका बलात्कार कर रहा था, तब बच्ची की मां सब कुछ देखती रही। उसने अपनी भाई को रोकने की कोई कोशिश नहीं की। ऐसा एक बार नहीं हुआ, कई बार बच्ची का यौन शोषण किया गया। वारदात जनवरी 2001 से मार्च 2003 के बीच हुई। मां खुद भी अपनी बच्ची का यौन शोषण करती रही। इस मामले में एक तीसरा आरोपी भी था, लेकिन बाद में उस पर लगे आरोप हटा लिए गए। घटना के समय पीड़िता बहुत छोटी थी, इसलिए किसी को कुछ नहीं बता पाई। जब वह होश संभालने की उम्र में पहुंची तब उसने अपनी मां और मामा की करतूत को दुनिया के सामने लाने का फैसला लिया। पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्जा कराई, जिसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
जल्लाद मां और उसका भाई आरोपों से इंकार करते रहे। दोनों ने पीड़िता को ही झूठा साबित करने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। दोषियों को सजा सुनाते हुए जस्टिस एलीन क्रीडन (Justice Eileen Creedon) ने कहा कि पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराकर बहादुरी का काम किया है। यह आसान नहीं था, क्योंकि उसका शोषण करने वाले उसके अपने थे। खासकर मां के खिलाफ शिकायत मुश्किल थी। न्यायाधीश ने कहा कि बच्चा अपनी मां से प्यार की अपेक्षा रखता है। साथ ही यह उम्मीद भी करता है कि मां उसे सभी खतरों से बचाएगी। लेकिन इस मामले में ऐसी सभी उम्मीदों को कदमों तले कुचला गया। यह एक क्रूर और घिनौना मामला है।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा है - 'मुझे याद है कि मैं टीवी देख रही थी, मेरी मां भी वही मौजूद थी। तभी एक आदमी कमरे में पहुंचा और मेरा यौन शोषण करने लगा। वह आदमी कोई और नहीं मेरा मामा था। मां सब कुछ देखती रही, उसने मुझे बचाने के लिए कुछ नहीं किया। वह मेरी जिंदगी का सबसे खौफनाक पल था। रिश्तों से मेरा भरोसा अब उठ चुका है। मैं खुद को किसी रिश्ते से नहीं जोड़ना चाहती'।