
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान ने दी खुलमखुल्ला चेतावनी (फोटो में ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई, इजरायली पीएम नेतन्याहू और यूएस प्रेसिडेंट ट्रंप (सोर्स: आईएएनएस)
Israel-Lebanon Conflict: अमेरिका और ईरान में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका ने लेबनान में सीजफायर और होर्मुज से अपनी सैन्य मौजूदगी हटाने से जुड़ी शर्तों को पूरा नहीं किया है। लेबनान पर इजरायल लगातार हमले कर रहा है। शांति समझौता मिडिल-ईस्ट में नजर नहीं आ रहा है। इसलिए होर्मुज स्ट्रेट को अब बंद कर दिया गया है। इतना ही नहीं, ईरान ने ये भी चेतावनी दी गई है कि अब होर्मुज स्ट्रेट की ओर आने वाले जहाजों को निशाना बनाया जायेगा।
महीनों की उठा-पठक के बाद हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हुआ। जिसके बाद ईरान ने घोषणा किया कि अगले 60 दिनों तक होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस दौरान सभी खर्च ईरान सरकार उठाएगी।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा है कि जहाजों को आवाजाही के लिए अपने रिक्वेस्ट ‘पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ को भेजने होंगे। समुद्री सुरक्षा बनाए रखने और दुर्घटनाओं से बचने के लिए जहाजों को तय मार्ग और टाइम-टेबल का पालन करना होगा। साथ ही ईरान ने यह भी आश्वासन दिया है कि होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। तकनीकी और संचालन संबंधी दिशा-निर्देश जल्द ही ‘पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ जारी करेगा।
इस समझौते पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर किए हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अगले 60 दिन बेहद महत्वपूर्ण होंगे। उनके अनुसार, ईरान को मिलने वाले आर्थिक लाभ उसके वास्तविक कदमों पर निर्भर करेंगे।
अमेरिका और ईरान के बीच बात बनी ही थी कि इधर गुरुवार देर रात इजरायल ने लेबनान पर भीषण हमले कर दिए। उसने लेबनान समर्थित हिज्बुल्लाह के 80 से ज्यादा ठिकानों पर जोरदार कार्रवाई की। जिसमें 16 लोग मारे गए। इसी बात को लेकर ईरान नाराज हो गया। अमेरिका के साथ उसने ये समझौता तोड़ दिया। साथ ही होर्मुज को दोबारा बैन करने की बात कही।
उधर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल अपने सैनिकों और क्षेत्र पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा। वह इसका मुहतोड़ जवाब देगा। उन्होंने हमलों को जवाबी कार्रवाई बताते हुए कहा कि हिज्बुल्लाह को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
साथ ही नेतन्याहू ने हमले में मारे गए चार इजरायली सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने कहा कि उत्तरी इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक सेना दक्षिणी लेबनान में बनी रहेगी।
Updated on:
19 Jun 2026 07:12 pm
Published on:
19 Jun 2026 06:19 pm
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