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डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को तबाह करने वाली धमकी पर आईआरजीसी का पलटवार, कहा – ‘ज़बरदस्त जवाबी कार्रवाई करने के लिए तैयार’

Iran-US Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूएनजीए के 81वें सत्र में दिए अपने संबोधन में कहा कि वह चाहे तो ईरान को तबाह कर सकते हैं। ट्रंप की इस धमकी पर आईआरजीसी की प्रतिक्रिया सामने आ गई है।
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Sep 23, 2026
Ebrahim Zolfaghari
इब्राहिम ज़ोलफाघारी (Photo - ANI)

यूनाइटेड नेशन्स जनरल असेंबली - यूएनजीए (United Nations General Assembly - UNGA) के 81वें सत्र में मंगलवार को अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने 37 मिनट का संबोधन दिया और इस दौरान उन्होंने कहा कि उनके सामने एक बड़ा फैसला है, या तो ईरान के साथ डील की जाए, या फिर ईरान को पूरी तरह तबाह कर दिया जाए। ट्रंप की इस धमकी पर आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) की प्रतिक्रिया सामने आ गई है।

ज़बरदस्त जवाबी कार्रवाई करने के लिए तैयार

ट्रंप की धमकी पर आईआरजीसी ने जवाब देते हुए कहा है कि उनकी सेना किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है और अगर ईरान पर कोई हमला किया गया, तो उसके खिलाफ ज़बरदस्त जवाबी कार्रवाई की जाएगी, जो पहले से भी ज़्यादा घातक होगी।

यूएनजीसी में क्या कहा ट्रंप ने?

यूएनजीसी के 81वें सत्र में अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने कहा: “मेरे सामने एक बड़ा फैसला है। क्या ईरान के साथ ऐसी डील होगी जो उन्हें फिर से खड़ा होने और पहले से भी बड़ा और बेहतरीन देश बनने का मौका देगा। या फिर मैं ईरान को तबाह कर दूं और यह काम जल्दी करूं, जिससे उन्हें दोबारा हत्या और विनाश करने का मौका ही न मिले? क्या मैं उन्हें नर्क में धकेल दूं, जहाँ बचने या भविष्य में महान बनने की कोई उम्मीद न रहे?"

"मैं ईरान को तबाह कर सकता हूं। लेकिन मुझे भरोसा है कि हमारे बीच डील होगी। मुझे लगता है कि मिडटर्म चुनाव के ठीक बाद हम कोई डील कर लेंगे, क्योंकि उनके लिए ऐसा न करने का कोई मतलब नहीं है। ईरान यह देखने का इंतज़ार कर रहा है कि मिडटर्म चुनाव में मेरा प्रदर्शन कैसा रहता है। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है कि मैं चुनाव नहीं लड़ रहा हूं। मैं वह पहले ही कर चुका हूं और भारी जीत हासिल की थी। मैं और ढाई साल तक राष्ट्रपति रहूंगा।"

"आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला नंबर एक देश ईरान है। 51 सालों से ईरान की कट्टरपंथी सरकार ने खून-खराबे और बड़े पैमाने पर हत्याओं के ज़रिए राज किया है और पूरे मिडिल ईस्ट और उसके बाहर मौत, तबाही और अफरा-तफरी फैलाई है। ईरान मिडिल ईस्ट में दादागिरी करता था, लेकिन अब वह दादागिरी नहीं कर सकता। राजनीति में आने के पहले दिन से ही मेरा रुख पक्का रहा है। मैं ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने नहीं दूंगा।"