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अमेरिकी सेना को लगा एक और झटका, होर्मुज स्ट्रेट के पास एक ही दिन में ईरान ने मार गिराया दूसरा MQ-1 ड्रोन

Iran-US Conflict: ईरान ने अमेरिकी सेना को एक और झटका देते हुए एक ही दिन में दूसरा MQ-1 ड्रोन मार गिराया है।
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Sep 15, 2026
MQ-1 Drone
MQ-1 ड्रोन (Photo - US Air Force/Washington Post)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। दोनों पक्षों की तरफ से रुक-रूककर हमले करने का सिलसिला भी जारी है। इसी बीच अब ईरान की आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) ने अमेरिकी सेना को एक और झटका दे दिया है।

मार गिराया दूसरा MQ-1 ड्रोन

आईआरजीसी ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के पास अमेरिकी सेना का एक और MQ-1 ड्रोन मार गिराया है। ईरान की स्टेट मीडिया ने इस बारे में जानकारी दी है। एक ही दिन में यह दूसरा मौका है जब आईआरजीसी ने अमेरिकी सेना के MQ-1 ड्रोन को मार गिराया है। आज सुबह भी आईआरजीसी को ऐसा करने में कामयाबी मिली थी।

निगरानी और टोह लेने के लिए अमेरिका कर रहा है इस्तेमाल

अमेरिका MQ-1 ड्रोन का इस्तेमाल होर्मुज स्ट्रेट और इसके आसपास के इलाकों की निगरानी, टोह लेने और हल्के हमलों के लिए करता है । ईरान की स्टेट मीडिया के अनुसार ताज़ा घटना के बाद अब हाल के दिनों में होर्मुज स्ट्रेट और उसके आस-पास के इलाकों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा मार गिराए गए अमेरिका निर्मित MQ-1 ड्रोन की कुल संख्या 4 हो गई है।

कितनी है कीमत और क्या है इस ड्रोन में खास?

MQ-1 ड्रोन एक मध्यम ऊंचाई वाला मानव रहित UAV है, जो मुख्य रूप से खुफिया, निगरानी, टोही और हल्के हमले के लिए इस्तेमाल होता था। अमेरिकी सेना ने इसे 2018 में सेवानिवृत्त कर दिया, लेकिन कुछ देशों में अभी भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। इस ड्रोन में रोटैक्स 914F इंजन का इस्तेमाल होता है। इसमें115 हॉर्सपावर है और पुशर प्रोपेलर पाया जाता है। इसकी लंबाई करीब 8.22 मीटर है पंखों का फैलाव 14.8 से 16.84 मीटर तक होता है। इसका खाली वजन: लगभग 512 किलोग्राम है और अधिकतम टेकऑफ वजन करीब 1,020 किलोग्राम है। इस ड्रोन की अधिकतम गति 217 किलोमीटर/घंटा और क्रूज़ गति लगभग 130-135 किलोमीटर/घंटा है। इसकी रेंज करीब 1,100-1,250 किलोमीटर है। इसमें दो AGM-114 हेलफायर मिसाइलें लोड की जा सकती हैं। इस ड्रोन में इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल/इन्फ्रारेड कैमरे, लेज़र डिज़ाइनर और मल्टी-स्पेक्ट्रल टारगेटिंग सिस्टम भी पाए जाते हैं। यह रिमोट कंट्रोल से संचालित होता है और लंबे समय तक लक्ष्य पर नज़र रख सकता है।

कीमत की बात करें, तो एक अकेले ड्रोन की अनुमानित लागत करीब 4-5 मिलियन अमेरिकी डॉलर थी। पूरा सिस्टम (चार एयरक्राफ्ट्स, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और सैटेलाइट लिंक) की लागत लगभग 20 मिलियन डॉलर थी।