ईरान-इजरायल के बीच जारी संघर्ष को 2 हफ्ते से अधिक समय बीत चुका है। अब इस युद्ध के बीच बड़ी खबर आई है।
US-Israel Attack: इजरायली हमले में IRGC के प्रवक्ता नैनी की मौत हो गई है। इस खबर से तेहरान में हड़कंप मच गया है।IRGC(इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर) ने पुष्टि की है कि उनके प्रवक्ता जनरल अली मोहम्मद नैनी इजरायली-अमेरिकी मिसाइल हमले में मारे गए हैं।
जनरल अली मोहम्मद नैनी की मौत इस सप्ताह ईरान की सरकार और सैन्य नेतृत्व के लिए चौथा बड़ा झटका है। इसके पहले हुए हमलों में तीन अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हो चुकी है। जिनमें अली लारीजानी, गुलामरेजा सुलेमानी और खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब शामिल हैं। सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम ने टेलीग्राम और X पर बताया कि नैनी की मौत शुक्रवार तड़के हुई है। अली मोहम्मद नैनी की मौत स्थानीय मीडिया में उनके अमेरिका और इजरायल के खिलाफ दिए गए बयानों के कुछ ही घंटों बाद हुई है।
IRGC(इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर) ने इजरायल-अमेरिका हमले में अपने प्रवक्ता जनरल अली मोहम्मद नैनी की मौत की पुष्टि की है। अली मोहम्मद नैनी का जन्म 1957 में ईरान के काशान में हुआ था। वह IRGC में द्वितीय ब्रिगेडियर जनरल के पद पर थे। साल 2024 में IRGC के कमांडर-इन-चीफ हुसैन सलामी ने उन्हें कोर के आधिकारिक प्रवक्ता और जनसंपर्क उप प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था। नैनी को मनोवैज्ञानिक अभियानों, सॉफ्ट पावर और संज्ञानात्मक युद्ध में IRGC के शीर्ष विशेषज्ञ के रूप में जाना जाता था प्रवक्ता बनने से पहले उन्होंने IRGC और बासिज में सांस्कृतिक उप-प्रमुख जैसे कई प्रभावशाली पदों पर कार्य किया था।
अली मोहम्मद नैनी की मौत के बाद ईरान में अमेरिका और इजरायल हमलों के कारण कई प्रमुख अधिकारियों की जानें जा चुकी हैं। 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद संगर्ष तेज हो गया था। हाल ही में, इजरायल रक्षा बलों ने ईरानी खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब को मार गिराने की घोषणा की। खतीब पर 2022-2023 के महसा अमिनी विरोध प्रदर्शनों के दौरान ईरानी नागरिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आरोप था।
इजरायली रक्षा बलों ने X पोस्ट में कहा- तेहरान में एक लक्षित हमले में ईरानी आतंकवादी शासन के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब को मार गिराया गया। खतीब ने हाल ही में पूरे ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और हत्याएं शामिल थीं। इसके अलावा सोमवार की रात को हए हमले में 67 वर्षीय अली लारीजानी की मौत हो हुई थी। वह दिवंगत अली खामेनेई और उनके उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई के करीबी सहयोगी थे।
ईरान-इजराइल संघर्ष की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली ईंधन की सप्लाई बाधित हुई है। इसका असर वैश्विक बाजारों पर दिख रहा है। होर्मुज स्ट्रेट से वैश्विक स्तर पर तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। सप्लाई बाधित होने से एशियाई देशों में तेल-गैस का संकट पैदा हो गया है। जंग शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की कीमत 104 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है।