तुर्किए और इजरायल के बीच कूटनीतिक तनाव चल रहा है। इसके चलते इजरायल ने तुर्किए पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तुर्किए के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन पर तीखा हमला बोला है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu) ने तुर्किए के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन (Turkish President Recep Tayyip Erdogan) पर तीखा हमला हमला बोला है। नेतन्याहू ने एर्दोगन पर अपने ही नागरिकों की हत्या का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान को आतंकी करार दिया है। नेतन्याहू ने एर्दोगन पर ईरान को समर्थन देने का आरोप लगाया है।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि तुर्किए के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन अपने ही कुर्द नागरिकों का नरसंहार कर रहे हैं। वे ईरान के आतंकी शासन को समर्थन दे रहे हैं। नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पोस्ट पर कहा- मेरे नेतृत्व में इजरायल, ईरान के आतंकी शासन और उसके सहयोगियों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा, जबकि एर्दोगन उन्हें समर्थन देते हैं। वे अपने ही कुर्द नागरिकों का नरसंहार करते हैं। नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच उच्च स्तरीय वार्ता चल रही है।
बेंजामिन नेतन्याहू के बयान से पहले रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने ईरान-अमेरिका के बीच जारी युद्ध विराम वार्ता पर बयान दिया है। एर्दोगन ने कहा था कि अगर पाकिस्तान की मध्यस्थता नहीं होती तो तुर्की भी इस क्षेत्रीय युद्ध में शामिल हो सकता था। बता दें कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच युद्ध विराम के विषय पर आमने-सामने की वार्ता जारी है।
पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध विराम की वार्ता कड़ी सुरक्षा के बीच चल रही है। सुरक्षा के लिहाज से इस्लामाबाद में 10,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही रेड जोन स्थित सेरेना होटल को पूरी तरह सील कर दिया गया है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची कर रहे हैं, जबकि अमेरिकी पक्ष का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ दोनों पक्षों से अलग-अलग मुलाकात कर चुके है। अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान सभी पक्षों के लिए एक विश्वसनीय मध्यस्थ के रूप में उभरा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के शुरुआती 10 बिंदुओं वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। वार्ता में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।