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इजराइल में सत्ता की चाबी अरब पार्टियों के हाथ, आइसेनकोट के दरवाजे पर समर्थकों की दस्तक

Israel coalition: इजराइल चुनाव नतीजों के बाद कार्यकर्ता विपक्षी नेता गादी आइसेनकोट के घर पहुंचे और अरब पार्टियों के साथ गठबंधन की मांग की। नेतन्याहू के धांधली के आरोपों पर अरब नेताओं ने भड़काने का आरोप लगाया।
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Updated: 30 Oct 2026, 5:31 PM IST
Israel election fraud claims
Israel election 2026

Israel Election 2026: इजरायली कार्यकर्ता विपक्ष के नेता गादी आइसेनकोट के घर के बाहर इकट्ठा हुए हैं। वे उनसे आग्रह कर रहे हैं कि चुनाव में मिली जीत के बाद, वे अरब पार्टियों के साथ मिलकर एक गठबंधन बनाएं। यह मांग ऐसे समय में उठी है जब नेतन्याहू बिना किसी सबूत के वोटिंग में धांधली का आरोप लगा रहे हैं। इस पर अरब नेताओं ने उन पर लोगों को भड़काने का आरोप लगाया है।

प्रदर्शनकारी बोले: साझेदारी के बिना कोई बदलाव नहीं

इजराइल के आम चुनाव में किसी भी खेमे को बहुमत नहीं मिला है। सत्ता की चाबी अब अरब दलों के हाथ में दिखाई दे रही है। इजराइल में अक्टूबर 2026 के आम चुनाव के नतीजों के बाद, वामपंथी और नेतन्याहू-विरोधी प्रदर्शनकारी विपक्ष के प्रमुख नेता गादी आइजेनकोट (Gadi Eisenkot के हर्जलिया स्थित घर के बाहर इकट्ठा हुए हैं।

आइजेनकोट के घर के बाहर लगभग 100 से 200 प्रदर्शनकारी जमा हुए। वे हाथों में बैनर लेकर 'साझेदारी के बिना कोई बदलाव नहीं'के नारे लगा रहे थे। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि आइजेनकोट देश के मौजूदा राजनीतिक गतिरोध को तोड़ने और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को दोबारा सत्ता में आने से रोकने के लिए अरब पार्टियों के साथ मिलकर एक गठबंधन सरकार का गठन करें।

चुनाव के बाद की स्थिति

हालिया नेसेट (इजरायली संसद) के चुनावों में किसी भी ब्लॉक को स्पष्ट बहुमत (61 सीटें) नहीं मिला है। नेतन्याहू के दक्षिणपंथी ब्लॉक को 53 सीटें मिली हैं, जबकि मुख्य विपक्षी ब्लॉक (चेंज ब्लॉक) के पास 48 सीटें हैं। इस त्रिशंकु संसद में अरब पार्टियों ने मिलकर 19 सीटें (जॉइंट लिस्ट को 11 और राअम को 8) जीती हैं। विपक्ष को सरकार बनाने के लिए इन अरब सांसदों के समर्थन की सख्त जरूरत है, जिसे लेकर प्रदर्शनकारी आइजेनकोट पर दबाव बना रहे हैं।

कौन हैं गादी आइजेनकोट

गादी आइजेनकोट इजराइल रक्षा बलों (IDF) के पूर्व सेना प्रमुख रहे हैं और उन्होंने इस चुनाव में अपनी नई पार्टी 'यशर' (Yashar) का नेतृत्व किया है, जो विपक्षी खेमे में 21 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इस प्रदर्शन में तेल अवीव-जाफा के डिप्टी मेयर अमीर बद्रान सहित कई प्रमुख लोग भी शामिल हुए, जो विपक्षी दलों और अरब गुटों के बीच इस राजनीतिक तालमेल का समर्थन कर रहे हैं।

Updated on:
30 Oct 2026, 5:31 PM IST
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