
Israel Lebanon Conflict: दक्षिणी लेबनान में इजराइली सैन्य कार्रवाई एक बार फिर तेज हो गई है। लेबनान की सरकारी नेशनल न्यूज एजेंसी के अनुसार, इजराइली सेना ने टायर जिले के जिबकीन कस्बे पर हवाई हमला किया। इसके अलावा अल-मंसूरी और मजदल जौन समेत आसपास के इलाकों में तोपों से गोलाबारी की गई और अल-मंसूरी में कुछ घरों को उड़ा दिया गया।
सरकारी नेशनल न्यूज एजेंसी के अनुसार, इजरायली बलों ने 'अल-मंसूरी' और 'मजदल जौन' की नगरपालिकाओं के साथ-साथ पास की घाटियों पर तोपों से भारी गोलाबारी की। अल-मंसूरी इलाके में तोपों के हमले इतने तेज थे कि कई रिहायशी मकान पूरी तरह तबाह हो गए।
इससे पहले भी इजरायली सेना ने इन दोनों कस्बों पर तोपों से गोले बरसाए थे। उस दौरान लेबनानी सीमा के पास इजरायली बलों की बढ़त देखने को मिली थी, जिसमें कम से कम दो लोग घायल हो गए थे। लगातार हो रहे इन हमलों से यह साफ है कि दक्षिणी लेबनान के सीमावर्ती इलाकों में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है।
शुइका ने रविवार को हुई इस वार्ता के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि जमीन पर शुरुआती पुनर्बहाली के कामों को तुरंत आगे बढ़ाना जरूरी है। इसमें 'फिलिस्तीन डोनर ग्रुप' और 'टीम गाजा इनिशिएटिव' के कार्यों को गति देना शामिल है। उन्होंने साफ कहा कि गाजा में पुनर्निर्माण की योजनाओं को पूरा करने के लिए आपस में लगातार सहयोग बहुत जरूरी है।
अपनी बातचीत के बारे में बताते हुए शुइका ने कहा कि उन्होंने यूरोपीय संघ (EU) और इजराइल के रिश्तों के साथ-साथ पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में सुरक्षा और शांति बनाए रखने के साझा हितों पर भी चर्चा की। इस बातचीत में एक सुधरे हुए और असरदार 'फिलिस्तीनी प्राधिकरण' का मुद्दा भी शामिल रहा।
यूरोपीय संघ ने गाजा में इजराइली सेना की कार्रवाई के तरीकों की आलोचना की है, हालांकि इसके साथ ही उसने इजराइल के अपनी रक्षा करने के अधिकार का समर्थन भी किया है। EU ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इजराइल द्वारा अवैध बस्तियां बसाने के कदम की भी निंदा की है। वहीं, इस मुद्दे पर यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के बीच अलग-अलग राय है। इनमें से कुछ देश इजराइल के कड़े आलोचक हैं, तो कुछ उसके साथ बहुत नजदीकी संबंध रखते हैं।