
अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के तमाम प्रयासों के बाद भी इज़रायल (Israel) और लेबनान (Lebanon) के बीच सीज़फायर का कोई असर नहीं हो रहा है। ट्रंप की मध्यस्थता में एक से ज़्यादा बार हुए सीज़फायर के बावजूद इज़रायली सेना लगातार लेबनान पर हमले कर रही है जिससे सीज़फायर का कोई मतलब नहीं रह गया है। लेबनान पर इज़रायली हमलों के बारे में अब लेबनानी पीएम नवाफ सलाम ने बड़ा खुलासा किया है।
लेबनानी पीएम सलाम ने कहा कि सीज़फायर के दौरान इज़रायल ने लेबनान पर लगभग 3,500 बार बमबारी की। जानकारी के अनुसार इज़रायली सेना ने इस दौरान लेबनान पर 17 अप्रैल से 7 जून तक 3,491 हवाई हमले। इस दौरान 407 घर/इमारतें तबाह हो गए और कई गांवों और कस्बों में भारी तबाही मची है। जान-माल का भी भारी नुकसान हुआ है।
लेबनान पर इज़रायली हमलों से नाराज़ होकर कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने नेतन्याहू को फोन किया था। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने इज़रायली पीएम से कहा था, "क्या तुम पागल हो गए हो? तुम क्या कर रहे हो? यह सब बंद करो।" हालांकि ट्रंप के आदेश का नेतन्याहू पर कोई असर नहीं हुआ है और उनके आदेश पर उनकी सेना लगातार लेबनान में हमले कर रही है।
इज़रायल और लेबनान के बीच सभी सीज़फायर बेअसर हो गए हैं। 2 मार्च से इज़रायल ने लेबनान पर हमले तेज़ कर दिए और लगातार साउथ लेबनान में बमबारी कर रहा है। 16 अप्रैल को पहली बार दोनों देशों में 10 दिन के सीज़फायर पर सहमति बनी थी, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। इसकी डेडलाइन खत्म होने के बाद सीज़फायर को 3 हफ्ते के लिए बढ़ा दिया गया था, लेकिन फिर भी सीज़फायर उल्लंघन जारी रहा। 15 मई को एक बार फिर दोनों देशों के बीच 45 दिन के सीज़फायर की सहमति बनी, लेकिन यह सीज़फायर भी फ्लॉप हो गया। 3 जून को एक बार फिर सीज़फायर पर सहमति बनी, लेकिन अभी भी इज़रायल लगातार साउथ लेबनान पर हमले कर रहा है।