
इज़रायल (Israel) और लेबनान (Lebanon) के बीच सीज़फायर के उल्लंघन का सिलसिला बरकरार है। कुछ दिन पहले ही दोनों पक्षों में एक बार फिर सीज़फायर पर सहमति बनी थी, लेकिन एक बार फिर इज़रायली सेना ने इसे तोड़ते हुए साउथ लेबनान पर हमला कर दिया है। इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने पहले ही साफ कर दिया था कि आतंकी संगठन हिज़बुल्लाह (Hezbollah) के खिलाफ उनकी सेना की कार्रवाई जारी रहेगी।
इज़रायली सेना ने नबातीह शहर के पास एक इलाके में हमला किया। इज़रायली हमले में एक कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार 2 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा इज़रायली सेना ने नबातीह अल-फौका पर भी हमला किया, लेकिन इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई है।
इज़रायली सेना ने हमले की वजह बताते हुए कहा कि जिस कार पर हमला किया गया, वो साउथ लेबनान में सिक्योरिटी ज़ोन पार करने की कोशिश कर रही थी और उसे रोकने के लिए ही ड्रोन से हमला किया गया।
एक बार फिर लेबनान में सीज़फायर उल्लंघन की वजह से अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) नाराज़ हो सकते हैं। अमेरिका की मध्यस्थता में 16 अप्रैल को पहली बार दोनों देशों में 10 दिन का सीज़फायर हुआ, लेकिन जंग नहीं रुकी। इसकी डेडलाइन खत्म होने के बाद सीज़फायर को 3 हफ्ते के लिए बढ़ा दिया गया था, लेकिन फिर भी जंग जारी रही। 15 मई को एक बार फिर दोनों देशों के बीच 45 दिन के सीज़फायर की सहमति बनी, लेकिन जंग खत्म नहीं हुई। 3 जून को एक बार फिर सीज़फायर पर सहमति बनी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। 19 जून को एक बार फिर सीज़फायर हुआ, लेकिन इज़रायल इसका भी उल्लंघन करने से पीछे नहीं हट रहा। ट्रंप कई बार नेतन्याहू को लेबनान पर हमले रोकने के लिए कह चुके हैं। दो बार तो ट्रंप ने फोन पर नेतन्याहू को लताड़ भी लगाई है। हालांकि ट्रंप के आदेश की परवाह न करते हुए नेतन्याहू लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रख रहे हैं। नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि जब तक वह पीएम हैं, साउथ लेबनान में सिक्योरिटी ज़ोन को कायम रखेंगे।