
आतंकी संगठन हमास (Hamas) के खिलाफ गाज़ा (Gaza) और आसपास के इलाकों पर इज़रायल (Israel) की सैन्य कार्रवाई जारी है। इज़रायल साफ कर चुका है कि हमास को खत्म करना ज़रूरी है और इसी वजह से उसके हमले भी जारी हैं। इन हमलों की वजह से गाज़ा और आसपास के इलाकों में जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है। कई निर्दोष लोग भी मारे जा रहे हैं, लेकिन इज़रायली सेना हमास के आतंकियों को भी मार रही है। अब इज़रायल को हमास के एक और आतंकी को मार गिराने में कामयाबी मिली है।
इज़रायली सेना ने हमास की मिलिट्री विंग की जबालिया बटालियन के कमांडर को मार गिराया है। इज़रायली सेना ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि अहमद बताश (Ahmad Batash) नॉर्थ गाज़ा ब्रिगेड में जबालिया बटालियन का कमांडर था। इज़रायली सेना ने गाज़ा सिटी के उत्तरी हिस्से में एयरस्ट्राइक करते हुए उसे मार गिराया।
इज़रायली सेना ने जानकारी दी कि बताश एक खूंखार आतंकी था और नॉर्थ गाज़ा ब्रिगेड के हथियारों के प्रबंधन और संगठन के लिए ज़िम्मेदार था। इतना ही नहीं, वह हमास के आतंकियों तक हथियारों और सैन्य उपकरणों की सप्लाई में समन्वय और मदद भी करता था।
इज़रायली सेना के अनुसार बताश इज़रायली नागरिकों के साथ ही उनकी सेना के सैनिकों पर भी हमला करता था और ऐसा करते हुए अपने आतंकी मकसद को आगे बढ़ाता था। इन हमलों के ज़रिए बताश युद्धविराम का व्यवस्थित रूप से उल्लंघन करते हुए हमास की क्षमताओं को बहाल करने के लिए काम करता था। बताश से पैदा होने वाले खतरे को खत्म करने के लिए ही इज़रायली सेना ने एयरस्ट्राइक करते हुए उसे मार गिराया।
इज़रायल हमास को खत्म करने के लिए लगातार हमले कर रहा है, लेकिन अगर हमास हथियार डालकर सरेंडर कर दे, तो इज़रायल अपनी सैन्य कार्रवाई खत्म कर सकता है। 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इज़रायल पर किए गए घातक हमले के बाद इजरायली सेना ने गाज़ा में सैन्य अभियान शुरू किया। इज़रायल का मानना है कि हमास की सैन्य क्षमता को खत्म किए बिना या उसके हथियार डाले बिना देश की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती। हमास के पास कई रॉकेट्स, भूमिगत सुरंगें (टनल नेटवर्क), हथियार भंडार और प्रशिक्षित आतंकी हैं, जिन्हें इज़रायल पूरी तरह खत्म करना चाहता है।
हालांकि हमास की सैन्य क्षमता को काफी हद तक इज़रायल ने खत्म कर दिया है, लेकिन अभी भी काफी काम बाकी है। इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू साफ कर चुके हैं कि गाज़ा से उनकी सेना तब तक नहीं हटेगी जब तक हमास अपने हथियार नहीं डाल दे और गाज़ा के शासन से पूरी तरह हट नहीं जाए। नेतन्याहू नहीं चाहते कि इज़रायल पर 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमले जैसा कोई भी हमला हो और इसी लिए गाज़ा में इज़रायल की सैन्य कार्रवाई जारी है।