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इजरायल-ईरान जंग ने बदला दक्षिण एशिया में समीकरण, भारत के लिए मुसीबत तो पाकिस्तान को फायदा!

इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने भारत की आर्थिक चिंताएं बढ़ा दी हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और सप्लाई चेन में रुकावट भारत में महंगाई का नया दौर ला सकती हैं। वहीं, कूटनीतिक गलियारों में चर्चा है कि ईरान की अस्थिरता का अप्रत्यक्ष लाभ पाकिस्तान को मिल सकता है।
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Feb 28, 2026
Israel Iran War
Israel Iran War

Israel Iran War Impact on India Pakistan: अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों ने मिडिल ईस्ट को युद्ध की आग में झोंक दिया है। ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले हुए, जिसमें तेहरान के महत्वपूर्ण ठिकाने तबाह हुए। ईरान का जोरदार पलटवार करते हुए अमेरिकी बेस पर कई मिसाइलें दागी है। इस संघर्ष का सीधा असर दक्षिण एशिया पर पड़ रहा है, जहां भारत और पाकिस्तान के रणनीतिक हित प्रभावित हो रहे हैं। ईरान भारत का पुराना व्यापारिक और रणनीतिक साथी है, जबकि इजराइल से भारत के मजबूत रक्षा संबंध हैं। दोनों तरफ संतुलन बनाए रखना भारत के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया है।

भारत पर बड़ा आर्थिक और रणनीतिक असर

भारत ईरान से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है। युद्ध से आपूर्ति बाधित होने पर तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे महंगाई बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ेगा। चाबहार बंदरगाह भारत की सबसे महत्वपूर्ण परियोजना है, जो 2016 में पीएम मोदी की ईरान यात्रा के दौरान शुरू हुई। यह बंदरगाह पाकिस्तान को दरकिनार कर अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच प्रदान करता है, जो चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (CPEC) का जवाब है। युद्ध से चाबहार प्रभावित होने पर भारत की कनेक्टिविटी और व्यापार योजनाएं खतरे में पड़ सकती हैं।

इसके अलावा, ईरान के रास्ते कजाकिस्तान से रेयर अर्थ मिनरल्स जैसे यूरेनियम का आयात होता है। सप्लाई चेन बाधित होने से रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र प्रभावित होंगे। ईरान में 25 हजार से ज्यादा भारतीय रहते हैं, संकट बढ़ने पर उनकी निकासी की चुनौती होगी। भारत सरकार ने दोनों देशों में रहने वाले नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।

पाकिस्तान को मिल सकता है फायदा

ईरान कमजोर होने पर क्षेत्र में पाकिस्तान की इस्लामिक राष्ट्र के रूप में पकड़ मजबूत हो सकती है। अगर युद्ध लंबा खिंचा तो अमेरिका पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमलों के लिए कर सकता है, जिससे पाकिस्तान को वित्तीय मदद और रणनीतिक महत्व मिलेगा। ट्रंप ने पहले अफगान-पाकिस्तान मुद्दों पर पाकिस्तान की तारीफ की है।

चीन को भी होगा फायदा

चीन भी फायदा उठा सकता है। ग्वादर बंदरगाह पर चीन का नियंत्रण है। चाबहार बाधित होने पर अफगानिस्तान में चीन की पैठ बढ़ेगी, जो पाकिस्तान के लिए भी लाभदायक होगा। पाकिस्तान और ईरान के संबंध फिलहाल तनावपूर्ण हैं, लेकिन ईरान की कमजोरी से पाकिस्तान को क्षेत्रीय प्रभाव बढ़ाने का मौका मिल सकता है।

दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक बदलाव

यह युद्ध दक्षिण एशिया के समीकरण बदल रहा है। भारत को मध्य एशिया कनेक्टिविटी बचानी होगी, जबकि पाकिस्तान और चीन भारत की पकड़ ढीली करने की कोशिश करेंगे। तेल कीमतों में उछाल से भारत की अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ेगा, वहीं पाकिस्तान अमेरिका से सहायता पाकर मजबूत हो सकता है।

Updated on:
28 Feb 2026 04:46 pm
Published on:
28 Feb 2026 04:46 pm