
इज़रायल (Israel) और फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास (Hamas) के बीच युद्ध जारी है। इज़रायली सेना गाज़ा (Gaza) और आसपास के फिलिस्तीनी इलाकों पर लगातार हमले कर रही है और हमास के आतंकियों का सफाया कर रही है। हालांकि इज़रायली हमलों में सिर्फ हमास आतंकी ही नहीं, बल्कि निर्दोष फिलिस्तीनी भी मारे जा रहे हैं। इसी बीच अब इज़रायली सेना ने हमास को एक बड़ा झटका दे दिया है।
इज़रायली सेना ने गाज़ा के खान यूनिस शहर में एयरस्ट्राइक करते हुए हमास के वित्त विभाग के चीफ मोहम्मद अबू अलवान (Mohammed Abu Alwan) को मार गिराया है। इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) और रक्षा मंत्री इज़रायल काट्ज़ (Israel Katz) ने संयुक्त बयान देकर इस बारे में जानकारी दी।
हमास के वित्त विभाग के चीफ अलवान को मार गिराने में इज़रायली सेना का साथ देश की खुफिया एजेंसी शिन बेट (Shin Bet) ने भी दिया। नेतन्याहू और काट्ज़ ने इज़रायली सेना और शिन बेट के इस सैन्य अभियान की तारीफ की।
हमास ने इज़रायल पर 7 अक्टूबर 2023 को घातक आतंकी हमला किया था, जिसके बाद इज़रायल ने हमास के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। हमास का खात्मा ही इज़रायल का लक्ष्य है, लेकिन अगर हमास निरस्त्रीकरण या सरेंडर करने के लिए तैयार हो जाए, तो इज़रायली सेना अपनी सैन्य कार्रवाई रोक सकती है, जिससे गाज़ा में युद्ध की समाप्ति हो जाएगी।
नेतन्याहू साफ कर चुके हैं कि गाज़ा से उनकी सेना तब तक नहीं हटेगी जब तक हमास अपने हथियार नहीं डाल दे और गाज़ा के शासन से पूरी तरह हट नहीं जाए। उनका मानना है कि भविष्य के खतरे को टालने के लिए गाज़ा में इज़रायली सैन्य कार्रवाई ज़रूरी है, जिससे हमास की सैन्य क्षमता को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।
हमास के पास कई रॉकेट्स, भूमिगत सुरंगें (टनल नेटवर्क), हथियार भंडार और प्रशिक्षित आतंकी हैं, जिन्हें इज़रायल पूरी तरह खत्म करना चाहता है। अभी तक की सैन्य कार्रवाई में इज़रायल ने हमास की सैन्य क्षमता को काफी हद तक खत्म कर दिया है, लेकिन इसका पूरी तरह अंत नहीं हुआ है और इसी के अंत के लिए इज़रायली सेना के हमले जारी हैं।