इजराइली सेना ने गाजा शहर में कार में यात्रा कर रहे तीन पत्रकारों पर हमला कर उनकी हत्या कर दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप से अक्टूबर में हुए सीजफायर के बावजूद यह हमला हुआ।
इजराइली सेना ने गाजा शहर में अपनी कार में यात्रा कर रहे तीन पत्रकारों पर हमला कर दिया। उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद अक्टूबर में इजराइल और गाजा के बीच सीजफायर की घोषणा हुई थी।
अमेरिका समर्थित सीजफायर के बावजूद इजराइल ने गाजा में घुसकर इस तरह के हमले को अंजाम दिया है। माना जा रहा है कि इजराइल की इस करतूत से ट्रंप नाराज हो सकते हैं।
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सीजफायर लागू होने के बाद से इजराइली गोलीबारी में 100 से ज्यादा बच्चों सहित 460 से अधिक लोग मारे गए हैं। मंत्रालय ने कहा कि इजराइली हमले में बुधवार को मारे गए पत्रकार 11 फिलिस्तीनियों में शामिल थे।
मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद मंसूर के अनुसार, मारे गए पत्रकारों की पहचान मोहम्मद किश्ता, अनस घनीम और अब्देल रऊफ शात के रूप में हुई है। तीनों फ्रीलांस कैमरामैन थे। वे CBS न्यूज और फ्रांसीसी समाचार एजेंसी दोनों के लिए काम करते थे।
पत्रकार बुधवार को मिस्र सरकार द्वारा चलाई जा रही एक राहत समिति की मीडिया शाखा के लिए काम पर थे। मंसूर ने कहा कि तीनों रिपोर्टर अल-जहरा में विस्थापित लोगों के लिए एक टेंट कैंप का फुटेज रिकॉर्ड कर रहे थे। घटनास्थल पर मौजूद डॉक्टरों और पत्रकारों के अनुसार, कैंप छोड़ने के बाद लगभग एक मील दूर उन्हें मार दिया गया।
उधर, इजराइल सेना ने एक बयान में कहा कि उसके सैनिकों ने मध्य गाजा पट्टी में हमास से जुड़े एक ड्रोन को संचालित करने वाले कई संदिग्धों की पहचान की, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा था।
सेना ने आगे कहा- पहचान के बाद और ड्रोन से सैनिकों को होने वाले खतरे के कारण, सुरक्षा बालों ने ड्रोन को सक्रिय करने वाले संदिग्धों पर सटीक हमला किया।
हमले के बारे में और सवाल पूछे जाने पर सेना ने कोई जवाब नहीं दिया। उनसे यह भी पूछा गया था की उन्हें कैसे पता चला कि ड्रोन हमास से जुड़ा हुआ था और क्या उनके टार्गेट पत्रकार थे, जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत सुरक्षा प्राप्त है।
प्रेस स्वतंत्रता निगरानी संस्था रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स के अनुसार, अक्टूबर 2023 में युद्ध शुरू होने के बाद से इजराइली बलों ने गाजा में लगभग 220 पत्रकारों को मार डाला है। इजराइल ने अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारों को गाजा में प्रवेश करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।