विदेश

ईरान के खिलाफ फिर युद्ध शुरू करने के लिए इज़रायल तैयार, अमेरिका से ग्रीन सिग्नल मिलने का इंतज़ार

Iran-US Israel War: इज़रायली रक्षा मंत्री इज़रायल काट्ज़ ने धमकी देते हुए कहा है कि उनकी सेना फिर से ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के लिए तैयार है।
2 min read
• •
Updated: 24 Apr 2026, 8:12 AM IST
Israel Katz
इज़रायल काट्ज़ (File Photo)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच सीज़फायर को बढ़ा दिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने खुद इसका ऐलान किया। हालांकि सीज़फायर बढ़ाने से पहले और इसके बाद भी ट्रंप ने साफ कर दिया कि होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी और ईरानी नावों और जहाजों पर कार्रवाई करने के लिए उन्होंने अपनी नेवी को आदेश दे दिया है। ईरान ने भी साफ कर दिया ही कि होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नाकेबंदी की वजह से दोनों देशों के बीच शांति-वार्ता में परेशानी आ रही है। इसी बीच इज़रायली विदेश मंत्री इज़रायल काट्ज़ (Israel Katz) ने ईरान को धमकी दी है।

ईरान के खिलाफ फिर युद्ध शुरू करने के लिए इज़रायल तैयार

इज़रायली रक्षा मंत्री काट्ज़ ने धमकी दी है कि उनकी सेना फिर से ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के लिए तैयार है। काट्ज़ के अनुसार इज़रायली सेना आक्रामक और रक्षात्मक दोनों रूप से तैयार है।

अमेरिका से ग्रीन सिग्नल मिलने का इंतज़ार

काट्ज़ ने बताया कि इज़रायल सिर्फ अमेरिका से ग्रीन सिग्नल मिलने का इंतज़ार कर रहा है और ऐसा होते ही ईरान पर फिर से हमले शुरू कर देगा जो पहले से भी ज़्यादा घातक होंगे। उन्होंने कहा कि इस बार इज़रायल विशेष रूप से ईरान की केंद्रीय ऊर्जा और बिजली सुविधाओं को निशाना बनाएगा, जो ईरान का राष्ट्रीय आर्थिक ढांचा है जिससे ईरान को पाषाण युग में वापस भेज सके।

खामेनेई वंश का पूर्ण खात्मा करने की दी धमकी

काट्ज़ ने खामेनेई वंश का पूर्ण खात्मा करने की भी धमकी दी। उन्होंने कहा कि इज़रायल ने अपने लक्ष्य निर्धारित कर लिए हैं और अमेरिका से ग्रीन सिग्नल मिलते हुए हमले शुरू कर दिए जाएंगे जिससे खामेनेई वंश का पूर्ण खात्मा किया जा सके।

बढ़ेगा तनाव

काट्ज़ की इस धमकी से तनाव बढ़ेगा। अमेरिका जहाँ जल्द से जल्द ईरान से शांति समझौते पर जोर दे रहा है, तो वहीँ इज़रायल फिर से ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने की धमकी दे रहा है। इसका नकारात्मक असर ईरान और अमेरिका की शांति-वार्ता पर पड़ सकता है।