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नेतन्याहू को बड़ा झटका: आइसेनकोट को सरकार बनाने का न्योता, “राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार” का आह्वान

राष्ट्रपति हर्जोग ने गादी आइसेनकोट को इजरायल में नई सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंपी। 67 सांसदों के समर्थन के बाद उन्होंने "राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार" बनाने का आह्वान किया।
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भारत

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Anand Prakash Yadav

•

Updated: 8 Nov 2026, 9:02 AM IST

Eisenkot government

इजरायल में सत्ता पलट के संकेत: राष्ट्रपति हर्जोग ने आइसेनकोट को सौंपी जिम्मेदारी, Photo- ANI

Israel Government Formation: यशर पार्टी के चेयरमैन गादी आइसेनकोट ने रविवार को एक "राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार" बनाने का आह्वान किया। इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने उन्हें देश की अगली सरकार बनाने की औपचारिक जिम्मेदारी सौंपी है। इससे पहले, 120 सदस्यीय नेसेट (इजरायली संसद) में 67 सांसदों ने उनके समर्थन में अपनी राय दी थी।

'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में, आइसेनकोट ने कहा, "अब एक राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार बनाने का समय आ गया है। मैं यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा कि हम इस जिम्मेदारी के योग्य साबित हों।"

यह घटनाक्रम मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका है। सत्ता में बने रहने की उनकी कोशिशों को तब करारा झटका लगा, जब नेसेट के अधिकांश गुटों ने अगली सरकार का नेतृत्व करने के लिए आइसेनकोट के नाम की सिफारिश की।

चर्चा के बाद लिया फैसला

इजरायल के राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति हर्ज़ोग ने यह फैसला विभिन्न राजनीतिक गुटों के प्रतिनिधियों के साथ परामर्श करने और नेतन्याहू तथा आइसेनकोट, दोनों के साथ चर्चा करने के बाद लिया है।

बयान में कहा गया, "परामर्श के दौर के अंत में, नेसेट के 67 सदस्यों वाले गुटों ने इजरायल के राष्ट्रपति से सिफारिश की कि यशर पार्टी के चेयरमैन गादी आइसेनकोट को सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंपी जाए।" वहीं, 46 सांसदों का प्रतिनिधित्व करने वाले गुटों ने नेतन्याहू के नाम की सिफारिश की, जबकि सात सांसदों ने किसी भी उम्मीदवार का समर्थन नहीं किया।

आइसेनकोट को समर्थन, नेतन्याहू को झटका

आइसेनकोट को मिले समर्थन में यहूदी-नेतृत्व वाला विपक्षी गुट (जिसके पास 48 सीटें हैं), अरब 'राम' (Ra'am) पार्टी (8 सीटें) और 'जॉइंट लिस्ट' (11 सीटें) शामिल हैं। 'जॉइंट लिस्ट' के पूर्ण समर्थन ने उन्हें 61 सीटों के बहुमत के आंकड़े को पार करने में अहम भूमिका निभाई।

इस बीच, नेतन्याहू को एक और झटका तब लगा जब अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स 'यूनाइटेड टोरा जुडाइज्म' (UTJ) पार्टी ने उनका समर्थन करने से इनकार कर दिया। इससे उनके लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक गठबंधन में दरार पड़ने के संकेत मिलते हैं।

इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ रहे आइसेनकोट के पास संभावित गठबंधन सहयोगियों के साथ बातचीत करने और सरकार बनाने के लिए जरूरी संसदीय समर्थन जुटाने के लिए छह सप्ताह तक का समय होगा। उन्होंने प्रस्तावित आपातकालीन प्रशासन के लिए चार-स्तंभीय रूपरेखा तैयार की है। इसमें इज़राइल को एक यहूदी और लोकतांत्रिक राज्य के रूप में मान्यता देना, स्वतंत्रता की घोषणा को बनाए रखना, सभी नागरिकों के लिए राष्ट्रीय और सैन्य सेवा अनिवार्य करना, तथा हमास के सैन्य और राजनीतिक विंग को खत्म करना शामिल है।