Israel-Lebanon Ceasefire: इज़रायल और लेबनान में 10 दिन के सीज़फायर पर सहमति बन गई है, जिसकी घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की। हालांकि सीज़फायर के कुछ घंटे बाद ही इज़रायल ने इसका उल्लंघन भी कर दिया।
पिछले कुछ हफ्तों में इज़रायल (Israel) और हिज़बुल्लाह (Hezbollah) के बीच जंग तेज़ हो गई। इज़रायली सेना की तरफ से लेबनान (Lebanon) पर ताबड़तोड़ हमलों से काफी तबाही मच गई। ऐसे में अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की मध्यस्थता में गुरुवार, 16 अप्रैल को दोनों देशों में सीज़फायर लागू हो गया। दोनों देशों के बीच 10 दिन का सीज़फायर स्थानीय समयानुसार शाम 5 बजे प्रभाव में आया। इस फैसले के बाद लेबनान में लोगों ने राहत की सांस ली और राजधानी बेरूत समेत कई शहरों में जश्न मनाया। हालांकि लोगों की खुशी ज़्यादा देर तक नहीं टिकी।
लेबनान के साथ सीज़फायर होने के कुछ घंटे बाद ही इज़रायल ने इसका उल्लंघन कर दिया। लेबनानी सेना ने इज़रायल पर सीज़फायर उल्लंघन का आरोप लगाया। लेबनानी सेना के बयान के अनुसार दक्षिणी लेबनान के कई गांवों में इज़रायली सेना ने हमले किए। खियाम और दिब्बीने जैसे इलाकों में कुछ देर तक गोलीबारी की भी सूचना मिली। लेबनानी मीडिया और सेना ने दावा किया कि सीज़फायर उल्लंघन के बाद इज़रायली हमलों में प्रभावित क्षेत्रों में कुछ लोग घायल भी हो गए।
इज़रायल ने सीज़फायर उल्लंघन के आरोप का खंडन किया है। इज़रायली सेना ने कहा है कि वो दक्षिणी लेबनान में हिज़बुल्लाह की गतिविधियों पर नजर रख रही है।
सीज़फायर के बीच लेबनान की सेना, हिज़बुल्लाह और इज़रायली अधिकारियों ने विस्थापित लोगों को दक्षिणी लेबनान में अपने घर लौटने से मना किया है। इज़रायल ने दक्षिणी लेबनान में अपनी सेना बनाए रखी है और लिटानी नदी तक के इलाके को ‘सुरक्षा क्षेत्र’ या ‘नो-गो ज़ोन’ घोषित किया है। बमबारी से बचे हुए विस्फोटक सामग्री और संदिग्ध वस्तुएं जगह-जगह बिखरी पड़ी हैं, जो जानलेवा साबित हो सकती हैं। दक्षिणी लेबनान में कई घर पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं या कमजोर हैं। पुलों और सड़कों का नुकसान पहुंच पहुंच को मुश्किल बना रहा है। सीज़फायर के दौरान अभी और इज़रायली हमलों की आशंका बनी हुई है, खासकर दक्षिणी लेबनान में। इसी वजह से लोगों से फिलहाल जहाँ हैं वहीं रहने की अपील की गई है।