
Israel Lebanon conflict: इजरायल और लेबनान के बीच तनाव फिर से बढ़ता दिखाई पड़ रहा है। दरअसल, इजरायली ऑर्मी चीफ ऑफ स्टाफ एयाल जमीर ने कहा है कि लेबनान में कोई वास्तविक युद्धविराम नहीं चल रहा है। उन्होंने यह बात हाइफा के नौसैनिक अड्डे के दौरे के दौरान कही। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान के बीच बातचीत वाशिंगटन में चल रही है। लेकिन इस वार्ता का विरोध हिज्बुल्लाह कर रहा है। इससे शांति प्रक्रिया कठिन हो गई है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच संवाद अभी भी जारी है। लेकिन अब तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि बातचीत तभी आगे बढ़ सकती है जब ईरान के अधिकारों की रक्षा हो और क्षेत्र में युद्ध खत्म हो। अराघची ने यह भी चेतावनी दी कि अगर इजरायल बेरूत पर हमला करता है, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि ईरान की सेना पूरी तरह तैयार है और जवाबी कार्रवाई कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान चुप नहीं बैठेगा अगर लेबनान पर हमला हुआ।
खाड़ी क्षेत्र में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान पर आरोप है कि उसने कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अन्य क्षेत्रों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इन हमलों में एक व्यक्ति की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। कुवैत सरकार ने कहा कि हवाई अड्डे को भारी नुकसान हुआ। उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी गई थीं। बाद में सेवाएं धीरे-धीरे फिर शुरू की गईं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने आरोपों को खारिज किया है और कहा कि हमला अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर किया गया था, न कि नागरिक हवाई अड्डे पर।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के दावों को गलत बताया है। उसने कहा कि ईरान के कई मिसाइल और ड्रोन हमले सफल नहीं हुए। कुछ को हवा में ही रोक दिया गया। अमेरिका ने यह भी कहा कि उसके सभी सैन्य ठिकाने सुरक्षित हैं और किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। इस तरह क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और स्थिति अभी भी बेहद संवेदनशील बनी हुई है।