
इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी को यूक्रेन का समर्थन करना भारी पड़ रहा है। ताजानी ने आरोप लगाया है कि रूस समर्थक हैकर्स ने उनकी निजी जानकारी चुराकर डार्क वेब पर सार्वजनिक कर दी है।
उन्होंने इस साइबर हमले को यूक्रेन के समर्थन में इटली सरकार के लगातार खड़े रहने से जोड़ा है। ताजानी का कहना है कि हैकर्स अब उनके परिवार से जुड़ी जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। इतना ही नहीं, इसके लिए वे पैसे देने को भी तैयार हैं।
इस घटना के सामने आने के बाद इटली की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने विदेश मंत्री के प्रति समर्थन जताते हुए इसे गंभीर मामला बताया है। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों से जुड़ी गोपनीय जानकारी की बिक्री और उसे सार्वजनिक करना बेहद चिंताजनक है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर सुरक्षा अधिकारियों की निगरानी के दौरान डार्क वेब पर कुछ ऐसी सामग्री मिली है, जिसमें एंटोनियो ताजानी की तस्वीर भी शामिल है। यह सामग्री टोर नेटवर्क के जरिए इस्तेमाल किए जा सकने वाले डार्क वेब के एक हिस्से में मिली।
रिपोर्ट के अनुसार, वहां 18 लोगों की एक सूची दिखाई दी, जिन्हें 'रूसी संघ के विरोधी नागरिक' बताया गया था। इस सूची में ताजानी के अलावा साइबर सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों के नाम भी शामिल थे।
टोर एक ऐसा नेटवर्क है, जिसका इस्तेमाल इंटरनेट पर पहचान और गतिविधियों को छिपाकर ब्राउजिंग करने के लिए किया जाता है। इसी वजह से डार्क वेब पर मौजूद लोगों और गतिविधियों का पता लगाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए मुश्किल होता है।
इटली के विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री एंटोनियो ताजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस घटना पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि एक संप्रभु देश की आजादी और स्वतंत्रता का खुले तौर पर समर्थन करने की वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
ताजानी के मुताबिक, हैकर्स केवल उनकी निजी जानकारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके परिवार से जुड़ी जानकारियां भी जुटाना चाहते हैं। इसके लिए वे भुगतान करने की पेशकश कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इटली का विदेश मंत्रालय साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। हैकर्स की ओर से किए गए हमलों के पीछे यह प्रयास भी एक वजह हो सकता है।
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इस मामले में ताजानी का समर्थन किया है। मेलोनी उन पश्चिमी नेताओं में शामिल हैं, जो रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन को लगातार समर्थन देती रही हैं।
इटली सरकार ने हाल ही में यूक्रेन के लिए नए सैन्य सहायता पैकेज को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई है। ऐसे में इस साइबर हमले को दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव और यूक्रेन को मिल रहे पश्चिमी समर्थन के संदर्भ में देखा जा रहा है।
इस पूरे मामले पर अभी तक मॉस्को की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। रूस पहले भी विदेशों में साइबर हमलों और हैकिंग गतिविधियों में अपनी भूमिका से इनकार करता रहा है।
फिलहाल इटली के सुरक्षा अधिकारी इस मामले की आगे जांच कर रहे हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ताजानी की कौन-कौन सी निजी जानकारियां लीक हुई हैं और इसके पीछे किन लोगों का हाथ है।