LPG vessel Jag Vikram' reaches Kandla Port: युद्ध विराम लागू होने के बाद 11 अप्रैल को 'जग विक्रम' होर्मुज पार किया था। अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध विराम लागू होने के बाद यह पहला भारतीय जहाज है, जिसने होर्मुज स्ट्रेट को पार किया है।
Jag Vikram arrived at Kandla Port: मध्य-पूर्व में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और तनातनी के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। दरअसल, भारतीय ध्वज वाला एलपीजी पोत 'जग विक्रम' 20,400 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर कांडला बंदरगाह पर पहुंच गया। मंगलवार देर रात यह पोत कांडला बंदरगाह के ऑयल जेटी नंबर 1 पर पहुंचा, जहां टैंकर को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस पोत के पहुंचने से देश की एलपीजी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलने की संभावना है।
बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच 7 अप्रैल को युद्ध विराम लागू होने के बाद 11 अप्रैल को 'जग विक्रम' होर्मुज पार किया था। युद्ध विराम लागू हो ने के बाद यह पहला भारतीय जहाज है, जिसने होर्मुज स्ट्रेट को पार किया है।
इस बीच, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय और विदेश मंत्रालय होर्मुज स्ट्रेट में फंसे कुल 15 भारतीय ध्वज वाले जहाजों की वापसी के लिए प्रयासरत हैं। अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में सोमवार को बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया, 'हम विदेश मंत्रालय के समन्वय से अपने जहाजों को वापस लाने के लिए प्रयासरत हैं। जैसे ही हमारे जहाजों के लिए होर्मुज स्ट्रेट से रवाना होना संभव होगा, वे वापस आ जाएंगे। मौजूदा वक्त में कुल 15 भारतीय ध्वज वाले और भारतीय स्वामित्व वाले जहाज वहां मौजूद हैं।
अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने खाड़ी क्षेत्र में जहाजों और चालक दल के सदस्यों की स्थिति के बारे में आश्वस्त करने वाली जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि पिछले 24 घंटों में भारतीय जहाजों से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है। मंत्रालय ने अब तक 2177 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 93 नाविक शामिल हैं।
आपको बता दें कि एलपीजी का लगभग 90 फीसदी हिस्सा खाड़ी क्षेत्र के देशों से आता है। 'जग विक्रम' का भारत आगमन ना सिर्फ देश की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगा, बल्कि घरेलू बाजार में एलपीजी की उपलब्धता और कीमत स्थिरता बनाए रखने में भी मददगार साबित होगा।