Iran-US Ceasefire: ईरान और अमेरिका में सीज़फायर के बाद जापान की पीएम सनाए ताकाइची ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान से फोन पर बात की है। दोनों के बीच क्या बातचीत हुई? आइए जानते हैं।
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच 2 हफ्ते का सीज़फायर लागू हो गया है और अब दोनों पक्षों की तरफ से हमले नहीं किए जाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इसके लिए पाकिस्तान (Pakistan) के पीएम शहबाज़ शरीफ (Shehbaz Sharif) और आर्मी चीफ आसिम मुनीर (Asim Munir) को क्रेडिट दिया और बताया कि दोनों से बातचीत के दौरान उन्होंने ट्रंप से सीज़फायर की मांग की, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया। ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि चीन (China) ने ईरान को सीज़फायर के लिए राज़ी किया। सीज़फायर के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को खोल दिया, लेकिन लेबनान (Lebanon) पर इज़रायली हमलों की वजह से ईरान ने फिर से होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का फैसला लिया है। सीज़फायर के बाद जापान (Japan) की पीएम सनाए ताकाइची (PM Sanae) ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) से फोन पर बात की है।
जापानी पीएम ताकाइची और ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियान के बीच हुई बातचीत दोनों देशों के टॉप लीडर्स के बीच युद्ध के बाद से यह पहली बातचीत थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह बातचीत करीब 25 मिनट चली और इस दौरान दोनों के बीच मिडिल ईस्ट में हालात, सीज़फायर के बाद शांति स्थापना और मुख्य रूप से होर्मुज स्ट्रेट पर चर्चा हुई।
जापान के लिए होर्मुज स्ट्रेट बेहद अहम है। पेज़ेशकियान से बातचीत के दौरान ताकाइची ने होर्मुज स्ट्रेट को अंतर्राष्ट्रीय सार्वजनिक हित बताया। गौरतलब है कि जापान अपने कच्चे तेल का 94.2% हिस्सा मिडिल ईस्टर्न देशों से आयात करता है और इसका लगभग पूरा हिस्सा होर्मुज़ स्ट्रेट के रास्ते ही आता है। युद्ध की वजह से जापान को मिलने वाली तेल की सप्लाई बाधित हुई, जिसका असर पूरे देश पर पड़ा। सीज़फायर के फैसले का जापान ने स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि होर्मुज स्ट्रेट के खुलने से तेल की बाधित सप्लाई फिर से पहले की तरह शुरू हो जाएगी। हालांकि ईरान ने लेबनान पर इज़रायली हमलों के विरोध में होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया है, लेकिन जापान को छूट मिल सकती है। हालांकि लेबनान पर इज़रायली हमलों से सीज़फायर पर संकट मंडरा रहा है।