
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) में तनाव की स्थिति जारी है। दोनों देश लगातार एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी से भी पीछे नहीं हट रहे। युद्ध को 7 महीने पूरे हो चुके हैं लेकिन अभी तक ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। अलग-अलग मौकों पर उनकी मौत की अफवाहें भी उड़ी हैं, जिन पर ईरान ने विराम लगाया। अब इस मामले में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने बयान दिया है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने एक इंटरव्यू के दौरान मोजतबा के बारे में बात करते हुए कहा, "हमें लगता है कि वह ज़िंदा हैं। बेशक, हमें पक्का नहीं पता। मैंने उन्हें कभी नहीं देखा है। मैंने हाल ही में उन्हें कैमरे पर भी नहीं देखा है। लेकिन हमारे पास जो सबसे अच्छे सबूत हैं, उनसे यही पता चलता है कि वह ज़िंदा हैं, लेकिन वह ईरानी शासन के रोजमर्रा के कामकाज में शामिल नहीं हैं।"
इंटरव्यू में वेंस ने ईरान और अमेरिका के बीच शांति-समझौता नाकाम होने के लिए ईरानी नेताओं को ज़िम्मेदार ठहराया। अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा, "मुझे लगता है कि ईरानी समझते हैं कि उन्होंने गड़बड़ की है। उन्होंने हमारे साथ एक समझौता किया था, हमारे बीच सीज़फ़ायर हुआ था, तेल-गैस की कीमतें कम हो गई थीं और ऐसी संभावना थी कि अगर ईरानी ठीक से व्यवहार करते, तो अमेरिका के साथ बेहतर रिश्तों से उन्हें बहुत फायदा होता। लेकिन क्या हुआ? ईरानी नेताओं ने ठीक से व्यवहार नहीं किया। उन्होंने कमर्शियल जहाजों पर गोलीबारी शुरू कर दी और इस वजह से दोनों देशों के बीच शांति समझौता नाकाम हो गया।"
खतरे की स्थिति को देखते हुए मोजतबा बेहद ही खुफिया और सुरक्षित स्थान पर छिपे हुए हैं। वह कहाँ हैं इस बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं। कुछ महीने पहले जानकारी आई थी कि अमेरिका और इज़रायल उनकी तलाश में जुटे हुए हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA) और इज़रायली खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) के जासूस मोजतबा को ढूंढने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कामयाबी नहीं मिल पाई है। अमेरिका और इज़रायल ने मोजतबा को मारने के लिए कई बार खुफिया सूचना के आधार पर ईरान में हर उस जगह हमले किए जहाँ मोजतबा के होने की उम्मीद थी, लेकिन इसमें उन्हें कामयाबी नहीं मिली।