
अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया में स्थित एक कोर्ट ने जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी को एक मृत महिला के परिवार को 966 मिलियन डॉलर (लगभग 8000 करोड़ रुपये) का जुर्माना देने का आदेश दिया है। इस महिला की मौत कैंसर के चलते हुई थी और इसके परिवार का आरोप है कि यह उन्हें यह बीमारी जॉनसन एंड जॉनसन के बेबी पाउडर के लंबे समय तक इस्तेमाल करने की वजह से हुई थी। यह जुर्माना पिछले 15 सालों में किसी एक ही व्यक्ति को मिला सबसे बड़ा जुर्माना है।
लॉस एंजिल्स की एक राज्य अदालत की जूरी ने सोमवार को यह फैसला सुनाते हुए जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी को मूर नामक एक महिला की मौत के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है। मूर की मेसोथेलियोमा नामक कैंसर से 2021 में 88 साल की उम्र में मृत्यु हो गई थी। मेसोथेलियोमा एक दुर्लभ कैंसर है जिसका संबंध आमतौर पर एस्बेस्टस के संपर्क में आने से होता है, जो कि एक ज़हरीला पदार्थ है। मूर के परिवार ने कंपनी पर अपने मशहूर बेबी पाउडर के इस्तेमाल से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को छिपाने का आरोप लगाया।
कोर्ट ने इस मामले में पीड़िता परिवार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कंपनी को उन्हें 16 मिलियन डॉलर (1 करोड़ 60 लाख डॉलर) का क्षतिपूर्ति हर्जाना और 950 मिलियन डॉलर (95 करोड़ डॉलर) का दंडात्मक हर्जाना देने का आदेश दिया है। कंपनी के लीगल डिपार्टमेंट के वर्ल्ड हेड एरिक हास ने कोर्ट के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, हम तुरंत इस भयानक और असंवैधानिक फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि, यह फैसला टैल्कम पाउडर से जुड़े ज्यादातर दूसरे मामलों से एकदम अलग है, जिन्हें पहले ही कंपनी जीत चुकी है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पहले ही कंपनी पर उनके टैल्क-आधारित बेबी पाउडर को लेकर कई मुकदमें किए जा चुके है। कंपनी ने 2023 में इस पाउडर को दुनिया भर के बाज़ार से हटा लिया था। कंपनी ने पहले भी तीन बार दिवालियापन क़ानून का इस्तेमाल कर के इस तरह के जुर्माने से बचने की कोशिश की है, लेकिन वह सफल नहीं रही। वर्तमान में कंपनी के खिलाफ 70,000 से ज़्यादा मुकदमे चल रहे है, जिनमें उसके बेबी पाउडर में एस्बेस्टस होने का दावा किया गया है। इस तरह के मुकदमों से निपटने के लिए अब तक कंपनी 3 अरब डॉलर से ज़्यादा (लगभग 25,000 करोड़ से ज़्यादा) का भुगतान कर चुकी है।