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इजराइल में चुनावी धांधली पर बवाल: जॉइंट लिस्ट बोली, “अरब पार्टियों के खिलाफ आरोप नस्लवादी साजिश”

Arab political alliance: इजराइल के अरब गठबंधन 'जॉइंट लिस्ट' ने नेतन्याहू पर नेसेट चुनावों की वैधता कमजोर करने का अभियान चलाने का आरोप लगाया है। गठबंधन ने धांधली और विदेशी हस्तक्षेप के आरोपों को 'नस्लवादी' बताते हुए विपक्ष से समर्थन बंद करने की अपील की।
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Updated: 29 Oct 2026, 8:21 PM IST
election fraud allegations
इजराइल चुनाव नतीजों के बाद अरब मोर्चे का नेतन्याहू पर सीधा हमला, Photo- AI

Israel Election Results: इजराइल के अरब राजनीतिक गठबंधन, 'जॉइंट लिस्ट' ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और दक्षिणपंथी तत्वों पर मंगलवार को हुए 'नेसेट' (इजरायली संसद) चुनावों की वैधता को कमजोर करने के लिए एक सुनियोजित अभियान चलाने का आरोप लगाया है। गठबंधन ने विपक्षी नेताओं से आग्रह किया है कि वे चुनावी धांधली और विदेशी हस्तक्षेप के उन आरोपों का समर्थन करना बंद करें, जिन्हें उसने 'नस्लवादी' करार दिया है।

'जॉइंट लिस्ट' ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में अरब पार्टियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया। गठबंधन का कहना है कि इन आरोपों का मकसद चुनाव के ऐतिहासिक नतीजों के बाद उनके राजनीतिक प्रभाव को कमजोर करना है।

गठबंधन का आरोप,

गठबंधन ने कहा, "हमने बड़ी संख्या में बाहर निकलकर मतदान किया और एक ऐतिहासिक परिणाम हासिल किया, जो हमारी जनता और पूरे लोकतांत्रिक खेमे, दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। दक्षिणपंथी गुट ने भड़काऊ बयानबाजी के साथ यह अभियान शुरू किया और सभी अरब पार्टियों को अयोग्य ठहराने की कोशिश की। चुनाव के दिन उन्होंने मतदान केंद्रों पर सैकड़ों हथियारबंद कट्टरपंथियों को भेजा, और हाल के दिनों में भी वे इस तरह के झूठे और खतरनाक आरोप (ब्लड लिबेल) लगाते रहे हैं। कोई भी बदनाम करने वाला अभियान अरब जनता की इस उपलब्धि को मिटा नहीं सकता, और हमारे वोटों की वैधता पर सवाल उठाने की कोई भी कोशिश मतदाताओं की इच्छा को नहीं बदल सकती।"

गठबंधन का​ विपक्षी नेताओं से आव्हान

गठबंधन ने विपक्षी नेताओं से राजनीतिक साहस दिखाने का भी आह्वान किया। उनका तर्क है कि नेतन्याहू के गुट को हराने में सक्षम सरकार बनाने के लिए अरब पार्टियों के साथ सहयोग करना बहुत जरूरी है। गठबंधन ने कहा, "हम न तो डरेंगे, न झुकेंगे, और न ही इस जगह के भविष्य और यहाँ के सभी नागरिकों के भविष्य को प्रभावित करने के अपने अधिकार को छोड़ेंगे। आप हमें छोटा और कमज़ोर देखना चाहते थे, लेकिन हम बड़े और मज़बूत बनकर उभरे हैं। अब बहानेबाजी का समय नहीं रहा। अब राजनीतिक साहस दिखाने का वक़्त है- सिर्फ़ बातों से नहीं, बल्कि अपने कामों से भी। हमारे बिना जीत नामुमकिन है, लेकिन हमारे साथ मिलकर यह पूरी तरह मुमकिन है।"

यह बयान मंगलवार को हुए 'नेसेट' (इज़रायली संसद) चुनावों में विदेशी हस्तक्षेप के संदेह की चल रही जाँच के बीच आया है। हालांकि, केंद्रीय चुनाव समिति के कार्यवाहक महानिदेशक डीन लिवने ने बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली के दावों को खारिज कर दिया है और कहा है कि मतदान पूरी तरह से कानूनी तरीके से हुआ था।

'द टाइम्स ऑफ़ इज़रायल' के अनुसार, लिवने ने 'यश अतिद' पार्टी के सांसद व्लादिमीर बेलियाक को लिखे एक पत्र में कहा कि व्यवस्थित नियमों के उल्लंघन के आरोपों का समर्थन करने वाला कोई सबूत नहीं मिला है।

Updated on:
29 Oct 2026, 8:21 PM IST
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