
हुसैन मोहाबी (Photo - @clashreport)
होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के मामले में ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) आमने-सामने हैं। इस रणनीतिक जलमार्ग पर जहाँ लंबे समय से ईरान का कंट्रोल रहा है, तो वहीँ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) भी कई मौकों पर कह चुके हैं कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का कंट्रोल है और अमेरिकी नेवी की इजाज़त से ही कोई भी जहाज इस जलमार्ग से गुज़र सकता है। इसी बीच अब आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) ने होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी सेना के एक बड़े दावे पर सवाल उठा दिया है।
आईआरजीसी के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेबी (Hossein Mohebi) ने अमेरिकी सेना की सेन्ट्रल कमांड (CENTCOM) के उस दावे पर सवाल उठाया है कि होर्मुज स्ट्रेट से सभी समुद्री बारूदी सुरंगें हटा ली गई हैं। मोहेबी ने कहा "अमेरिकी सेना होर्मुज स्ट्रेट से समुद्री बारूदी सुरंगें हटाने के अपने दावे को किसी बयान से नहीं, बल्कि सबूतों के साथ साबित करें। होर्मुज स्ट्रेट की वास्तविकता आसमान, जमीन और समुद्र में है, न कि साइबर स्पेस या अमेरिकी मीडिया के वॉर रूम में।"
होर्मुज स्ट्रेट में अभी भी समुद्री बारूदी सुरंगें हैं, जिन्हें पूरी तरह से हटाना बेहद ही मुश्किल है। ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में अवैध घोषित रास्तों से गुज़रने वाले जहाजों के अक्सर ही इन समुद्री बारूदी सुरंगों के शिकार बनने के मामले अक्सर ही सामने आते हैं। ईरानी नेवी को चकमा देने के लिए ये जहाज अपने सभी नेविगेशन और रडार सिस्टम बंद कर देते हैं, जिससे वो ईरानी नेवी से बच सके, लेकिन इस दौरान वो समुदी बारूदी सुरंगों से नहीं बच पाते।
मोहेबी ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर कहा, "वैश्विक व्यापार के लिए अहम यह जलमार्ग तब तक बंद रहेगा, जब तक अमेरिका ईरान की मांगें पूरी नहीं कर देता। ईरान की मांगें पूरी करना ज़रूरी है और सिर्फ तभी ईरानी सेना होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलेगी। दुश्मन ने ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करने की कोशिश की। इसकी वजह है अमेरिका का खुफिया मकसद जो 'ग्रेटर इज़रायल' है। अमेरिका इस मकसद को पूरा करना चाहता है।"
Updated on:
29 Oct 2026, 6:47 PM IST
Published on:
29 Oct 2026, 6:34 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.