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एक ही हमले में उजड़ गया खामेनेई का पूरा परिवार, हमले में घायल पत्नी की भी मौत

ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की पत्नी मंसूरे खोजस्ते बागेरज़ादेह के निधन की खबर ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने उन चोटों के कारण दम तोड़ दिया, जो उन्हें शनिवार को हुए अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों के दौरान लगी थीं।

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Mar 02, 2026
Khamenei Wife Mansoureh Khojasteh Death

Khamenei Wife Mansoureh Khojasteh Death: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की पत्नी मंसूरे खोजस्ते बागेरज़ादेह की मौत हो गई है। यह खबर ईरानी राज्य मीडिया और तसनीम न्यूज़ एजेंसी ने पुष्टि की है। मंसूरे (79 वर्ष) कुछ दिनों पहले अमेरिका और इज़रायल के संयुक्त हवाई हमलों में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं, जिसमें उनके पति खामेनेई की मौत हो गई थी। हमले के दौरान वे तेहरान में खामेनेई के आवास परिसर में मौजूद थीं। इलाज के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई और अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया। ईरानी मीडिया ने इसे 'शहादत' बताया है।

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खामेनेई के आवास सहित ईरान के ​कई ठिकानों पर हमले

यह घटना मध्य पूर्व में जारी तनाव का हिस्सा है। शनिवार (28 फरवरी 2026) को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान के कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिनमें खामेनेई का कार्यालय और आवास शामिल था। इन हमलों को 'पूर्वनिरोधी कार्रवाई' बताया गया, जिसका उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना और शासन को कमजोर करना था। हमलों में खामेनेई (86 वर्ष) की मौत हो गई, साथ ही उनकी बेटी, दामाद और अन्य परिवारजन भी मारे गए। ईरान ने इसे 'युद्ध की कार्रवाई' करार दिया और जवाब में इज़रायल तथा अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए।

खामेनेई की पत्नी की इलाज के दौरान मौत

मंसूरे खोजस्ते बागेरज़ादेह का जन्म ईरान के मशहद शहर में हुआ था। वे आईआरआईबी (ईरानियन ब्रॉडकास्टिंग) के पूर्व उप निदेशक हसन खोजस्ते बागेरज़ादेह की बहन थीं। खामेनेई से उनकी शादी 1964 में हुई थी और वे आमतौर पर सार्वजनिक जीवन से दूर रहती थीं। उनके छह बच्चे हैं। हमले के समय वे पति के साथ थीं, जिससे गंभीर चोटें आईं। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे कोमा में चली गईं और सोमवार (2 मार्च 2026) को उनकी मौत हो गई।

ईरान में 40 दिनों का सार्वजनिक शोक घोषित

इस घटना से ईरान में शोक की लहर है। सरकार ने 40 दिनों का सार्वजनिक शोक घोषित किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि खामेनेई 'इतिहास के सबसे दुष्ट लोगों में से एक' थे और ईरानी जनता को शासन के खिलाफ खड़े होने की अपील की।

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