28 वर्षीय कैसिडी ओ’हैगन की जिंदगी किसी सपने से कम नहीं लगती। सर्दियों में एएस्पेन के बर्फीले पहाड़ों पर स्कीइंग, गर्मियों में हैम्पटन के लग्जरी बीच पर छुट्टियां, और बीच-बीच में प्राइवेट जेट से पुर्तो रिको, भारत, मालदीव, दुबई जैसे विदेशी ठिकानों की सैर। ये सब उनके नियोक्ता ही खर्च करते हैं। कैसिडी एक बिलियनेयर […]
28 वर्षीय कैसिडी ओ'हैगन की जिंदगी किसी सपने से कम नहीं लगती। सर्दियों में एएस्पेन के बर्फीले पहाड़ों पर स्कीइंग, गर्मियों में हैम्पटन के लग्जरी बीच पर छुट्टियां, और बीच-बीच में प्राइवेट जेट से पुर्तो रिको, भारत, मालदीव, दुबई जैसे विदेशी ठिकानों की सैर। ये सब उनके नियोक्ता ही खर्च करते हैं। कैसिडी एक बिलियनेयर परिवार के बच्चों की नैनी हैं, और उनकी कमाई व सुख-सुविधाएं कॉर्पोरेट दुनिया की चकाचौंध को फीका कर देती हैं।
कैसिडी, जो कोलोराडो की रहने वाली हैं, जेन जेड की उस पीढ़ी का हिस्सा हैं जो पारंपरिक व्हाइट कॉलर नौकरियों से तंग आ चुकी है। बिजनेस इनसाइडर के एक लेख के अनुसार, उन्हें न केवल 1.3 करोड़ रुपये सालाना (लगभग $150,000 से $250,000) कमाई मिलती है, बल्कि 401K रिटायरमेंट प्लान, हेल्थकेयर बीमा, प्राइवेट शेफ द्वारा बनाए गए भोजन, पेड लीव, और यहां तक कि अपनी 'नैनी वॉर्डरोब' जैसी लग्जरी सुविधाएं भी मिलती हैं।
कहानी 2019 से शुरू होती है। 22 साल की उम्र में एमसीएटी (मेडिकल कॉलेज एडमिशन टेस्ट) की तैयारी कर रही कैसिडी को अतिरिक्त कमाई के लिए हाई-नेट-वर्थ परिवार के साथ नैनी का काम मिला। जल्द ही उन्हें एहसास हो गया, 'मैं एक पूरी तरह अलग दुनिया में कदम रख चुकी हूं।' फिर भी, डॉक्टरी करियर का सपना देखते हुए उन्होंने 2021 में नैनी का काम छोड़ दिया। न्यूयॉर्क शिफ्ट हो गईं, जहां एक बड़ी कंपनी में ऑर्थोपेडिक मेडिकल सेल्स का जॉब मिला – सालाना $65,000 (करीब 60 लाख रुपये) कमाई। लेकिन एक साल से कम समय में बर्नआउट हो गया। वे कहती हैं, 'मेडिकल सेल्स की अपनी कॉर्पोरेट नौकरी में मुझे ये सुविधाएँ नहीं मिलतीं।'
कैसिडी ने महसूस किया कि कॉर्पोरेट लाइफ उनकी पर्सनैलिटी से मेल नहीं खाती। मैंने एहसास किया कि मैंने उस काम को छोड़ दिया था जो मेरी असली पहचान से जुड़ा था। चार सालों में उनकी सैलरी दोगुनी से ज्यादा हो चुकी है। एक गोपनीयता समझौते का हवाला देते हुए अपनी वर्तमान तनख्वाह बताने से इनकार कर दिया, लेकिन पुष्टि की कि यह 150,000 से 250,000 डॉलर के बीच है। न्यूनतम वेतन भी 1.3 करोड़ रुपये प्रति वर्ष से ज़्यादा है।