
Hormuz Strait Attack: ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध में हमलावर गुटों के एनर्जी शिपिंग जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। बीते दिनों होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के ओमान वाले हिस्से में कतर के लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) टैंकर अल रेकय्यात को काफी नुकसान पहुंचा। यह इस साल का दूसरा मामला है जब कोई LNG जहाज युद्ध से जुड़े हमले की चपेट में आया है। बीते मार्च में भूमध्य सागर में रूसी LNG टैंकर आर्कटिक मेटागाज में आग लग गई थी। यूक्रेनी नौसेना के ड्रोन के हमले के बाद जहाज को छोड़कर क्रू को सुरक्षित निकालना पड़ा।
LNG एक तरह की नेचुरल गैस है जिसे लगभग -162 डिग्री सेल्सियस (-260 डिग्री फारेनहाइट) तक ठंडा किया जाता है। ठंडा करने पर गैस लिक्विड में बदल जाती है और उसका वॉल्यूम लगभग 600 गुना कम हो जाता है, जिससे जहाज से इसे ट्रांसपोर्ट करना सस्ता पड़ता है।
LNG को मजबूत इंसुलेशन वाले क्रायोजेनिक टैंकों में स्टोर किया जाता है, जो इसे बहुत कम तापमान पर रखते हैं। एक्सपोर्ट टर्मिनल पर इसे खास LNG कैरियर जहाजों में लोड किया जाता है। इन जहाजों में डबल हल (दोहरी परत वाली बॉडी) और बहुत अच्छी तरह से इंसुलेटेड कार्गो टैंक होते हैं, जिन्हें यात्रा के दौरान LNG को ठंडा रखने के लिए डिजाइन किया गया है।
ट्रांसपोर्ट के दौरान थोड़ी मात्रा में LNG अपने आप उड़ जाती है। अगर इसे बिना मैनेज किए छोड़ दिया जाए, तो तथाकथित बॉयल-ऑफ गैस स्टोरेज टैंक के अंदर वॉल्यूम और प्रेशर बढ़ा देती है। इसे अक्सर कैप्चर किया जाता है और मुख्य फ्यूल सोर्स के तौर पर सीधे जहाज के इंजन में डाला जाता है।
LNG खुद अपने लिक्विड रूप में नहीं जलती है। यदि LNG लीक हो जाती है तो गर्म होकर गैस बन जाती है। हवा में सही मात्रा में मिलने और आग लगने वाले सोर्स तक पहुंचने पर जोखिम बढ़ सकता है।
इस जोखिम को कम करने के लिए, LNG जहाज डबल-हल कंस्ट्रक्शन, कई कंटेनमेंट बैरियर, गैस डिटेक्शन सिस्टम, प्रेशर-रिलीफ इक्विपमेंट, इमरजेंसी शटडाउन सिस्टम, फायरफाइटिंग इक्विपमेंट, सख्त ऑपरेटिंग प्रोसीजर और क्रू ट्रेनिंग का इस्तेमाल करते हैं।
किसी भी LNG कैरियर के लिए नुकसान की वजह से बड़ी मात्रा में LNG लीक निकलने पर ज्वलनशील गैस का बादल बनने और आग लगने वाले सोर्स तक पहुंचने पर उसमें आग लगने की आशंका बढ़ती है। अत्याधुनिक LNG कैरियर को सुरक्षा की कई परतों के साथ डिजाइन किया जाता है ताकि आग कार्गो टैंक तक न पहुंच सके। इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंजन रूम में आग लगने का मतलब यह नहीं है कि टैंकर में धमाका हो ही जाएगा। कैरियर में LNG का बड़ा रिसाव होने पर ही खतरा बढ़ने की आशंका होती है।