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डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में 5% से ज्यादा उछाल, दुनिया भर में मंडराया संकट

Iran US Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ टकराव खत्म करने वाला समझौता 'खत्म' होने का बयान सामने आते ही मध्य पूर्व से तेल की सप्लाई में रुकावट की आशंका फिर से पैदा हो गई है।
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Iran US Conflict

photo- IANS

Iran US Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ टकराव खत्म करने वाला समझौता 'खत्म' होने का बयान सामने आते ही मध्य पूर्व से तेल की सप्लाई में रुकावट की आशंका फिर से पैदा हो गई है। ट्रंप के बयान के बाद बुधवार को तेल की कीमतों में 5 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है जो बीते दो सप्ताह के उच्चतम स्तर तक जा पहुंची है।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में $3.82 या 5.15% की बढ़त हुई और यह 0832 GMT पर $77.98 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड $3.70 या 5.25% बढ़कर $74.14 प्रति बैरल हो गया।

ईरानी तेल की बिक्री पर फिर से प्रतिबंध लगाए

अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन से पहले ट्रंप ने कहा कि फरवरी में अमेरिका और इजरायल का ईरान के खिलाफ शुरू किए गए युद्ध को खत्म करने का अंतरिम समझौता अब खत्म हो गया है, और उन्होंने कहा कि वह तेहरान के साथ बातचीत नहीं करना चाहते। मंगलवार को ईरान के कच्चे तेल की बिक्री की इजाजत देने वाला जनरल लाइसेंस अमेरिका भी ने रद्द कर दिया।

अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमले

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिकी हवाई हमले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन कमर्शियल जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में किए गए थे। इसके बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बुधवार तड़के बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

मिली जानकारी के अनुसार चार तेल और गैस टैंकरों ने या तो जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) से न गुजरने का फैसला किया है या उन्हें वापस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा है। ईरान ने घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने का एकमात्र सुरक्षित रास्ता वही है जिसे तेहरान ने तय किया है।

तेल की कीमतें ​गिरने की उम्मीदों को झटका

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध-विराम समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद, तेल की कीमतें गिरकर युद्ध से पहले के स्तर पर आ गईं थी। ट्रेडर्स ने तेल फ्यूचर्स में बड़ी संख्या में 'शॉर्ट पोजीशन' बना लीं, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि कीमतें और गिरेंगी। कीमतों में गिरावट की वजह यह उम्मीद थी कि मध्य पूर्व से लंबे समय से रुकी हुई सप्लाई बाजार में आएगी।

ईरान ने जहाजों पर हुए हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन कतर ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया। इन हमलों में कतर का एक लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) टैंकर भी शामिल था, जिस पर ड्रोन से हमला हुआ और उसके इंजन रूम में आग लग गई। इन हमलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से टैंकरों की आवाजाही को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं।