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Google की टॉप जॉब को कहा अलविदा, दो प्रमोशन के बावजूद लिया ऐसा फैसला, अब सुकून से जी रहीं जिंदगी

Google Employee Story: 25 साल की उम्र में गूगल जॉइन करने वाली सारा विल्ज़िंस्का ने आठ साल तक कंपनी में काम किया और दो प्रमोशन भी हासिल किए। लेकिन कोरोना महामारी के दौरान जीवन को नए नजरिए से देखने के बाद उन्होंने करोड़ों के करियर को छोड़ अपनी पसंद और सुकून भरी जिंदगी चुनने का फैसला किया।
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Google Employee Story

गूगल को छोड़ पेंटिग सीखने वाली सारा विल्ज़िंस्का, (फोटो सोर्स- @swilarts इंस्टाग्राम)

Google Employee Quit Job: सफलता के मायने सबके लिए अलग-अलग होते हैं। कुछ पैसे और पोजीशन को सफलता मानते हैं, जबकि कुछ के लिए सुकून और मन की शांति ही सबकुछ है। सारा विल्ज़िंस्का गूगल में नौकरी करती थीं, सब कुछ अच्छा चल रहा था। पैसा भी भरपूर था, लेकिन वह खुद को ‘सफल’ की श्रेणी में नहीं रख पा रही थीं। उन्हें लगता था कि वह इस काम के लिए नहीं बनी हैं। फिर कोरोना महामारी ने दस्तक थी, और उनकी जिंदगी ने एक 360 डिग्री का टर्न लिया।

तेज दौड़ना ही जीवन नहीं

कोरोना के बीच, सारा विल्ज़िंस्का अपने पार्टनर के साथ न्यूयॉर्क से वापस सैन डिएगो लौट आईं। यहां उन्होंने महसूस किया कि महज तेज रफ्तार से दौड़ना ही जीवन नहीं है। कभी-कभी जिंदगी को ढंग से समझने के लिए रफ्तार धीमी करनी पड़ती है।इसके साथ ही उनके अंदर की यह भावना और भी मजबूत होती गई कि वह जो कुछ कर रही हैं, उसके लिए नहीं बनी हैं। सारा ने गूगल की अपनी अच्छी-खासी नौकरी को छोड़ने का फैसला कर लिया।

हालांकि, इससे पहले उन्होंने लाइफ को ज्यादा मीनिंगफ़ुल बनाने के कई तरीके भी आज़माए। उन्होंने साउंड हीलिंग में ट्रेनिंग ली, गूगल में डाइवर्सिटी और इनक्लूजन इनिशिएटिव को लीड किया, प्रोजेक्ट बदले और अपने काम के घंटे भी कम कर दिए। लेकिन संतुष्टि नहीं मिल पाई। Business Insider से बात करते हुए उन्होंने कहा -अब तक मुझे समझ आ गया था कि कागज पर सफल लगने वाला करियर, वास्तविक सफलता से काफी अलग होता है। कम से कम मेरे लिए तो यही सच है। 

25 साल की उम्र में गूगल से जुड़ीं

सारा का जन्म 1980 के दशक में वारसॉ में हुआ था, उस समय पोलैंड में कम्युनिस्ट शासन था। यूनिवर्सिटी ऑफ वारसॉ से कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री लेने के बाद उन्होंने बार्सिलोना में इंटर्नशिप की और 25 साल की उम्र में एक इन्वेस्टमेंट बैंक में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर काम करने के लिए लंदन चली गईं। सारा 2015 में ज्यूरिख में गूगल से जुड़ीं और बाद न्यूयॉर्क आ गईं। उन्होंने गूगल सर्च के न्यूज़ सेक्शन में काम किया। सारा विल्ज़िंस्का के मुताबिक, गूगल एक ऐसी कंपनी है, जिसे शायद ही कोई छोड़ना चाहे। उन्हें यहां 2 प्रमोशन भी मिले, लेकिन इसके साथ ही सारा ने खुद को कोडिंग के बजाए मीटिंग्स में ज्यादा बिजी पाया। उन्होंने कहा - मुझे अलग-थलग महसूस होने लगा। मुझे लगने लगा कि यह रफ्तार मेरे लिए सस्टेनेबल नहीं है। 

कंधे पर बैग टांगा और निकल पड़े

2022 के आखिर में सारा ने बिना कोई दूसरा ऑप्शन तलाशे गूगल छोड़ दिया। दरअसल, उनके पार्टनर की भी पिछले साल यानी 2021 में नौकरी चली गई थी। इसलिए दोनों एक नए सफर पर चल निकले। उन्होंने अपना सैन डिएगो वाला अपार्टमेंट किराए पर दिया और घूमने निकल गए। 2023 का अधिकांश समय दोनों ने साउथ-ईस्ट एशिया में बिताया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के छोटे ट्रिप भी किए। सारा ने कहा - पहले तो हम तेज़ी से आगे बढ़े, लेकिन फिर धीमे होते गए। हमने थाईलैंड के एक छोटे से आइलैंड कोह ताओ में छह महीने बिताए। यहां जिंदगी आसान लगी। मेरे पार्टनर ने डाइव मास्टर के तौर पर काम शुरू किया और मैंने भी वॉटरकलर उठाकर अपनी दुनिया को कैनवास पर उकेरना शुरू कर दिया। उन्होंने ऑनलाइन क्लास ली और अपने अंदर के कलाकार को जीवित किया। वह उस आइलैंड के रोज़मर्रा के दृश्य पेंट करने लगीं। लोकल फेसबुक ग्रुप पर उनके आर्टवर्क को काफी पसंद किया गया और लोग उनकी पेंटिंग खरीदने लगे। यहां से एक आर्टिस्ट के तौर पर उनके नए सफर की शुरुआत हुई।  

पैसा भले ही कम है, लेकिन सुकून है

घर वापसी के बाद सारा ने पेंटिंग को ही फुल टाइम करियर बना लिया। उन्होंने सैन डिएगो में अपना स्टूडियो ‘स्विल आर्ट्स’ लॉन्च किया। यहां वह ओरिजिनल वॉटरकलर इलस्ट्रेशन बनाती हैं और प्रिंट, होमवेयर और कस्टम आर्टवर्क बेचती हैं। सारा विल्ज़िंस्का मानती हैं कि उनकी कमाई गूगल की नौकरी के मुकाबले कम है, लेकिन वह सैलरी से सफलता मापने में विश्वास नहीं रखतीं।

उन्होंने कहा – मेरे लिए सफलता अब पूरी तरह से अलग है। यह प्रोडक्टिविटी या आउटपुट के बारे में नहीं है। यह इम्पैक्ट के बारे में है। अगर कोई एक व्यक्ति मेरे काम की वजह से रुकता है, अगर उसे कुछ महसूस होता है, कुछ याद आता है तो मेरे लिए बस इतना ही काफी है। मैं अपनी जिंदगी में खुश हूं, अब मैं खुद को सफल मानती हूं। भागदौड़ भरी लाइफ से दूर, मेरे पास अपनी इच्छाओं को कैनवास पर उतारने का समय है।