
बलूचिस्तान में तैनात पाकिस्तानी सेना। ( फाइल फोटो: ANI)
Balochistan Aerial Bombardment and Drone Strike : पाकिस्तानी सेना की हवाई बमबारी और ड्रोन हमलों में बलूचिस्तान के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप नागरिकों की संपत्ति का नुकसान हुआ है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार खुजदार और मस्तंग जैसे जिलों में हुई घटनाओं ने पाकिस्तानी सेना और सरकारी सुरक्षा अभियानों के खिलाफ व्यापक आक्रोश और विरोध प्रदर्शन हुए। ध्यान रहे कि बलूच यकजेहती कमेटी ने जनता की मांगों को लेकर 3 जून को मस्तुंग के दश्त कुम्बैल इलाके में हड़ताल की थी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह हमला मोहम्मद इब्राहीम नाम के एक निवासी के घर पर हुआ। संगठन का दावा है कि परिवार के 50 से अधिक पालतू जानवर मारे गए। बीवाईसी ने कहा कि ये जानवर परिवार की आजीविका का मुख्य स्रोत हैं। हमलों में रिहाइशी संपत्तियों को निशाना बनाया गया है, जिनमें महिलाओं और बच्चों सहित नागरिकों की मौत हुई है और कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
खुजदार समेत प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय तक इंटरनेट बंद रहा और कर्फ्यू लगा रहा। कार्यकर्ताओं का कहना है कि संचार पर लगी इन पाबंदियों के कारण बिना किसी सजा के अत्याचार होते रहते हैं और मरने वालों की तादाद की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना संभव नहीं है। रीजन में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच ड्रोन हमलों में भी तेजी आई है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में संपत्ति और नागरिकों को अतिरिक्त नुकसान पहुंचा है।
पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग जैसे मानवाधिकार संगठनों और बलूच यकजेहती समिति जैसे पैरवी निकायों ने बार-बार चिंता व्यक्त की है। वे आतंकवाद विरोधी अभियानों की आड़ में गैर-न्यायिक हत्याओं, जबरन गायब करने और पैतृक घरों को जानबूझ कर नष्ट करने का हवाला देते हैं। ( इनपुट : ANI)
Updated on:
08 Jul 2026 03:41 pm
Published on:
08 Jul 2026 03:41 pm
