Global Airline Crisis: बढ़ती जेट फ्यूल कीमतों के कारण जर्मनी की एयरलाइन लुफ्थांसा ने 20,000 उड़ानें रद्द करने का फैसला लिया है।
Lufthansa Flight Cancellation: जर्मनी की प्रमुख एयरलाइन कंपनी लुफ्थांसा (Lufthansa) ने बड़ा कदम उठाते हुए अक्टूबर तक करीब 20,000 उड़ानों को रद्द करने का फैसला लिया है। कंपनी का कहना है कि यह निर्णय बढ़ती जेट फ्यूल (विमान ईंधन) की कीमतों और वैश्विक तनाव के कारण लिया गया है।
एयरलाइन ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद कच्चे तेल और जेट फ्यूल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसी वजह से कंपनी को अपने उड़ान संचालन में कटौती करनी पड़ रही है।
लुफ्थांसा ग्रुप ने स्पष्ट किया है कि यह कदम लागत को नियंत्रित करने और नुकसान कम करने के लिए उठाया गया है। इस फैसले के बाद कंपनी की समर सीजन क्षमता में लगभग 1% की कमी आएगी। इसके साथ ही कंपनी को लगभग 40,000 मीट्रिक टन जेट फ्यूल की बचत होने का अनुमान है, जिससे संचालन लागत पर बड़ा असर पड़ेगा।
कंपनी ने बताया कि अधिकतर शॉर्ट-हॉल (छोटी दूरी की) उड़ानें प्रभावित होंगी। खासतौर पर वे रूट्स जिनमें मुनाफा कम है, उन्हें या तो रद्द किया जाएगा या फिर अन्य उड़ानों के साथ जोड़ा जाएगा।
इन शहरों के बीच चलने वाले कई रूट्स को कंसोलिडेट (consolidate) किया जाएगा, यानी उड़ानों को मिलाकर संचालन किया जाएगा।
लुफ्थांसा अकेली एयरलाइन नहीं है जिसने यह कदम उठाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, KLM, एयर कनाडा, सिंगापुर एयरलाइंस और यूनाइटेड एयरलाइंस जैसी बड़ी एयरलाइंस भी जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों के कारण अपने समर शेड्यूल में कटौती कर रही हैं।