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पाकिस्तान में हैवानियत की हदें पार, नाबालिग हिंदू लड़की से दुष्कर्म और जबरन धर्मांतरण

Pakistan Forced Marriage Case: पाकिस्तान के सिंध में नाबालिग हिंदू लड़की के अपहरण, दुष्कर्म और जबरन धर्मांतरण का मामला सामने आया है, जिससे अल्पसंख्यक सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं।

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भारत

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Devika Chatraj

Apr 22, 2026

नाबालिग हिंदू लड़की से जबरन निकाह (AI Image)

Pakistan Minor Girl Forced Marriage Conversion Case: पाकिस्तान के सिंध प्रांत से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने देश में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक प्रमुख अल्पसंख्यक अधिकार संगठन ने नाबालिग हिंदू लड़की के अपहरण, दुष्कर्म, जबरन धर्मांतरण और निकाह की घटना की कड़ी आलोचना की है।

क्या है मामला?

वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी के अनुसार, रामसुन ठाकुर की नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी पूजा का कथित रूप से अपहरण कर लिया गया। आरोप है कि इसके बाद उसे दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन का शिकार बनाया गया।

धर्म बदल कर किया जबरन निकाह

संगठन ने दावा किया कि लड़की का नाम बदलकर दुआ फातिमा रख दिया गया और उसे इमरान अली नाम के युवक से जबरन निकाह करने के लिए मजबूर किया गया। बताया जा रहा है कि आरोपी इमरान अली, अल्लाह वारियो का बेटा है।

पहचान छीनने वाला अमानवीय कृत्य

अधिकार संगठन ने इस घटना को अमानवीय बताते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में पीड़ित लड़कियों की पहचान छीन ली जाती है और उन्हें जबरन ऐसी जिंदगी जीने पर मजबूर किया जाता है, जिसे उन्होंने कभी नहीं चुना।

लड़कियों की सुरक्षा पर सवाल

यह मामला सामने आने के बाद पीड़ित परिवार की पीड़ा सोशल मीडिया और विभिन्न मानवाधिकार समूहों में तेजी से वायरल हो रही है। इससे सिंध में रहने वाले हिंदू समुदाय, खासकर लड़कियों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

सिंध में लगातार बढ़ रहे मामले

वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी का कहना है कि पाकिस्तान में जबरन धर्मांतरण और दुष्कर्म की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। खासकर सिंध प्रांत में यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। संगठन के अनुसार, कई हिंदू परिवार डर के साए में जी रहे हैं। उन्हें आशंका रहती है कि उनकी बेटियों का अपहरण कर लिया जाएगा, उनका ब्रेनवॉश किया जाएगा और ‘प्रेम’ या धर्म के नाम पर जबरन निकाह करा दिया जाएगा।

सरकार से कार्रवाई की मांग

इस घटना के बाद मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तान सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।