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शाही परिवार के घर के बेसमेंट में हुआ दुष्कर्म, नॉर्वे के क्राउन प्रिंस के सौतेले बेटे को चार साल की सजा

नॉर्वे की अदालत ने क्राउन प्रिंस हाकोन के सौतेले बेटे मारीउस बोर्ग होइबी को दुष्कर्म और घरेलू हिंसा मामलों में चार साल जेल की सजा सुनाई है। फैसले से शाही परिवार की लोकप्रियता और छवि पर असर बढा है।

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भारत

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Himadri Joshi

Jun 15, 2026

Marius Borg Hoiby

मारियस बोर्ग होइबी (फोटो- The Brussels Times एक्स पोस्ट)

नॉर्वे की राजधानी ओस्लो की अदालत ने सोमवार को देश के क्राउन प्रिंस हाकोन के सौतेले बेटे मारीउस बोर्ग होइबी को दो रेप मामलों, घरेलू हिंसा और अन्य अपराधों में दोषी ठहराते हुए चार साल जेल की सजा सुनाई है। 29 वर्षीय होइबी ने कुछ कम गंभीर आरोप स्वीकार किए थे, लेकिन रेप के गंभीर आरोपों से इनकार किया था। अदालत ने उन्हें दो अन्य रेप मामलों में बरी भी कर दिया। यह मामला पिछले कई महीनों से नॉर्वे में चर्चा का केंद्र बना हुआ था और अब फैसले के बाद शाही परिवार की छवि पर गहरा असर देखा जा रहा है।

निजी वीडियो सबूत के तौर पर पेश

मारीउस बोर्ग होइबी, नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेटे-मैरिट के बेटे हैं। वह 2001 में शाही परिवार का हिस्सा बने थे, जब उनकी मां ने क्राउन प्रिंस हाकोन से विवाह किया था। अभियोजन पक्ष ने अदालत से सात साल सात महीने की सजा की मांग की थी, लेकिन अदालत ने चार साल की कैद तय की। सात सप्ताह तक चले ट्रायल में ड्रग एडिक्शन, निजी वीडियो और 800 से अधिक इलेक्ट्रॉनिक मैसेज को सबूत के तौर पर पेश किया गया। अदालत में यह भी बताया गया कि एक कथित रेप शाही परिवार के घर के बेसमेंट में हुआ था।

शाही परिवार की लोकप्रियता में गिरावट

इस मामले ने नॉर्वे की राजशाही की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाया है। राजनीतिक संचार विशेषज्ञ केटिल राक्नेस के अनुसार, यह मामला इसलिए अधिक चर्चा में रहा क्योंकि शाही परिवार की साफ-सुथरी छवि और अदालत में सामने आए आरोपों के बीच बड़ा अंतर दिखाई दिया। इसी दौरान क्राउन प्रिंसेस मेटे-मैरिट को जेफ्री एपस्टीन से पुराने संबंधों को लेकर भी आलोचना झेलनी पडी। फरवरी में जारी नॉरस्टैट सर्वे में केवल 60 प्रतिशत लोगों ने राजशाही के समर्थन की बात कही, जो पहले 70 प्रतिशत थी। हालांकि मई तक समर्थन कुछ बढकर 64 प्रतिशत हो गया।

क्राउन प्रिंसेस फेफडों की गंभीर बीमारी से जूझ रही

फैसले के समय शाही परिवार निजी संकट से भी गुजर रहा है। क्राउन प्रिंसेस मेटे-मैरिट फेफडों की गंभीर बीमारी पल्मोनरी फाइब्रोसिस से पीडित हैं और उन्हें राष्ट्रीय लंग ट्रांसप्लांट सूची में शामिल किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार बिना ट्रांसप्लांट उनकी हालत लगातार बिगड सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पारिवारिक संकट ने लोगों के नजरिए को कुछ नरम किया है। मीडिया कवरेज भी पहले की तुलना में अधिक संयमित दिखाई दी। अब नॉर्वे में यह मामला केवल अपराध या राजशाही की प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि एक संघर्ष कर रहे परिवार की कहानी के रूप में भी देखा जा रहा है।