मादुरो भूरे रंग का कैदी सूट और चमकीले नारंगी रंग के जूते पहने हुए नजर आए। साथ ही मादुरो की हालत खराब दिखी।
वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो सोमवार को अमेरिका में अपनी पहली अदालती पेशी से पहले मैनहट्टन पहुंचे। मादुरो को हेलीकॉप्टर से संघीय अदालत के पास स्थित मैनहट्टन के एक हेलीपोर्ट पर ले जाया गया, जिसके बाद उन्हें एक बख्तरबंद गाड़ी में बैठा कर अदालत ले जाया गया। बता दें कि सुनवाई के दौरान मैनहट्टन कोर्ट के आस-पास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति मादुरो को अदालत में पेशी के लिए लाया गया। इस दौरान मादुरो भूरे रंग का कैदी सूट और चमकीले नारंगी रंग के जूते पहने हुए नजर आए। साथ ही मादुरो की हालत खराब दिखी। वह लंगड़ाते हुए नजर आए। उन्हें ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन के द्वारा लाया गया। इस दौरान मादुरो की पत्नी भी उनके साथ दिखाई दी।
बता दें कि इससे पहले न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर से एक काफिला रवाना हुआ था, जहां मादुरो को अमेरिका लाए जाने के बाद से ड्रग्स और हथियारों से जुड़े मामलों में रखा गया है।
वेनेजुएला के नेता मादुरो पर अमेरिकी न्याय विभाग के अभियोग में आरोप लगाया गया कि मादुरो और नेताओं ने 25 वर्षों से अधिक समय तक सार्वजनिक विश्वास के अपने पदों का दुरुपयोग किया है और कभी वैध रहे संस्थानों को भ्रष्ट करके टन कोकीन का आयात संयुक्त राज्य अमेरिका में किया है।
अभियोग में यह भी आरोप लगाया गया है कि मादुरो और उनके सहयोगियों ने सिनालोआ कार्टेल और ट्रेन डी अरागुआ गिरोह जैसे प्रमुख मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले समूहों को "कानून प्रवर्तन संरक्षण और रसद सहायता" प्रदान की।
अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए हमलों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, भारत ने इस कार्रवाई पर गहरी चिंता व्यक्त की और क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सभी पक्षों से बातचीत के माध्यम से शांतिपूर्ण ढंग से मुद्दों को हल करने का आह्वान किया।