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ईरान नहीं माना तो क्या होगा? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका ने तैयार किया ‘प्लान B’

US Iran Conflict 2026: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अगर ईरान ने समुद्री रास्ता खोलने से इनकार किया, तो अमेरिका और उसके सहयोगी देश वैकल्पिक कदम उठाने को तैयार हैं। इस बीच पाकिस्तान भी ईरान-अमेरिका तनाव कम कराने की कोशिशों में सक्रिय दिख रहा है।
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May 22, 2026
Marco Rubio on Strait of Hormuz
Marco Rubio on Strait of Hormuz (AI Image)

Marco Rubio on Strait of Hormuz: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर दुनिया की चिंता और गहरी हो गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर ईरान ने इस अहम समुद्री रास्ते को खोलने से इनकार किया, तो अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के पास वैकल्पिक रणनीति यानी ‘प्लान B’ तैयार है।

स्वीडन के हेलसिंगबोर्ग में नाटो देशों की मंत्रीस्तरीय बैठक के दौरान पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ हर संभावित स्थिति पर चर्चा कर रहा है। उन्होंने कहा कि, ''किसी समय आदर्श स्थिति यही होगी कि ईरान रास्ता खोल दे, लेकिन हमें यह भी सोचना होगा कि अगर ईरान इनकार कर दे तो क्या होगा।''

अगर कोई गोली चला रहा हो तो तैयारी जरूरी

मार्को रुबियो ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग पर हालात बिगड़ने की स्थिति में केवल उम्मीद के भरोसे नहीं रहा जा सकता। उन्होंने कहा कि दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक व्यापार को देखते हुए हर स्थिति के लिए तैयार रहना जरूरी है।

रुबियो ने कहा, ''हमें ऐसी स्थिति के लिए भी योजना बनानी होगी, जब कोई गोली चला रहा हो।''

हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो नाटो की सीधी सैन्य तैनाती की जाएगी या नहीं। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि अगर ईरान रास्ता खोलने से इनकार करता है तो दुनिया को कुछ करना पड़ेगा।

बातचीत जारी, लेकिन अमेरिका सतर्क

अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि ईरान के साथ बातचीत आसान नहीं है। उनके मुताबिक कुछ प्रगति जरूर हुई है, लेकिन अभी अंतिम समाधान काफी दूर है।

रुबियो ने कहा कि अमेरिका अब भी कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देता है और उसकी पहली पसंद बातचीत के जरिए संकट का हल निकालना है। हालांकि, इसके साथ-साथ वैकल्पिक योजनाओं पर भी काम जारी है।

उन्होंने कहा, ''उम्मीद है कि हालात बदलेंगे, लेकिन ऐसा नहीं भी हो सकता।''

पाकिस्तान की बढ़ी सक्रियता

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान भी कूटनीतिक कोशिशों में सक्रिय दिखाई दे रहा है। रुबियो ने कहा था कि पाकिस्तान के अधिकारी तेहरान जा सकते हैं। इसी बीच पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी पहले ही ईरान पहुंच चुके थे। उन्होंने वहां ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इन बैठकों में अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध कम करने, तनाव घटाने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने पर चर्चा हुई।

तेहरान पहुंचे पाकिस्तानी सेना प्रमुख

ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर भी शुक्रवार को तेहरान पहुंचे। यह यात्रा ऐसे समय हुई, जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक रास्तों को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

बताया जा रहा है कि मोहसिन नकवी और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच लगातार दो दौर की बातचीत हुई। इन बैठकों में ऐसे प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनसे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम किया जा सके।

ईरानी और पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बातचीत में दीर्घकालिक शांति और क्षेत्रीय स्थिरता के ढांचे पर भी विचार किया गया।

क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। खाड़ी देशों से निकलने वाला बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस इसी रास्ते से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचती है।

अगर इस मार्ग पर तनाव बढ़ता है या आवाजाही प्रभावित होती है, तो इसका असर सीधे वैश्विक तेल बाजार, ईंधन की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।

इसी वजह से अमेरिका, नाटो देश और पश्चिम एशिया से जुड़े कई राष्ट्र इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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