
MEA on Pakistan Support for CJP Protest: CJP के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन को पाकिस्तान के कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स द्वारा मिले कथित समर्थन की खबरों पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि भारत की प्राथमिकता यह है कि पाकिस्तान सीमा पार प्रायोजित आतंकवाद को समाप्त करे। उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से इस मुद्दे को लगातार उठाता रहा है।
साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान रणधीर जायसवाल ने कहा- हम सभी जानते हैं कि पाकिस्तान कई दशकों से भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद को स्पॉन्सर करता रहा है। भारत के लोग…जिनमें Gen-Z भी शामिल है। वह चाहते हैं कि पाकिस्तान आतंकवाद को समाप्त करे। हमें उम्मीद है कि वहां के लोग भी इस संदेश को गंभीरता से लेंगे।
दरअसल, नीट-यूज 2026 पेपर लीक और परीक्षा समय से न होना, गड़बड़ी को लेकर CJP के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई सप्ताह तक छात्र आंदोलन चला। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। फिर 20 जुलाई को आयोजित 'संसद चलो' मार्च के बाद आंदोलन और तेज हुआ। इसके बाद 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद CJP ने अपना 37 दिन पुराना धरना समाप्त कर दिया।
भारत में चल रहे छात्र आंदोलन पर पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार किया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि यह भारत का आंतरिक मामला है और इस पर इस्लामाबाद कोई टिप्पणी नहीं करेगा।
हालांकि, पाकिस्तान के कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने CJP के नेतृत्व वाले आंदोलन के प्रति समर्थन जताया। इन्फ्लुएंसर बिलाल हसन ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सराहना की और उन्हें एकजुट रहने की सलाह दी थी।
इसके अलावा पाकिस्तानी महवाश एजाज और अहसान मिर्जा समेत अन्य कंटेंट क्रिएटर्स ने भी छात्रों के समर्थन में पोस्ट किए। कुछ क्रिएटर्स ने हल्के-फुल्के अंदाज में वीडियो बनाते हुए कहा कि अगर सीमा न होती तो वे भी जंतर-मंतर पहुंच जाते। वहीं, एक अन्य वीडियो में एक पाकिस्तानी महिला ने कहा कि भारत की Gen-Z पीढ़ी के आंदोलन ने उसके नजरिए को प्रभावित किया है।