
Mecca Drone attack: ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बघाई ने कहा कि इस्लामिक पवित्र स्थलों पर ड्रोन हमले की कोशिश के खिलाफ कड़ा बयान दिया है। उन्होनें कहा कि,खासकर मक्का अल-मुकर्रमा, मदीना अल-मुनव्वरा और अल-अक्सा मस्जिद के खिलाफ कोई भी हमला, और वहां जाने वाले तीर्थयात्रियों व पड़ोसियों के लिए खतरा पैदा करना निंदनीय है।
सऊदी अरब पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए, बघाई ने कहा कि मक्का को निशाना बनाने वाले ड्रोन हमले को रोकने के लिए किसी खास पक्ष, यानी हूतियों पर सिर्फ "दावों" के आधार पर आरोप नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने कहा कि मक्का अल-मुकर्रमा जा रहे ड्रोन को रोकने का सिर्फ दावा किसी खास पक्ष पर आरोप लगाने का आधार नहीं बन सकता, खासकर इसलिए क्योंकि यमन की 'चेंज एंड कंस्ट्रक्शन' सरकार ने इस दावे का साफ तौर पर खंडन किया है।
ईरानी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि बिना पुष्टि वाली ऑपरेशनल रिपोर्ट का मकसद क्षेत्रीय नैरेटिव को प्रभावित करना हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र में 'फॉल्स फ्लैग' ऑपरेशन के कई मामले देखे गए हैं, खासकर हाल के महीनों में, जिनका मकसद क्षेत्र में अमेरिका द्वारा किए गए अपराधों से लोगों का ध्यान भटकाना और इस्लामिक देशों के बीच फूट डालना रहा है। उन्होंने सावधानी और सतर्कता बरतने की बात कही।
बघाई ने क्षेत्रीय ताकतों से अपील की कि वे व्यापक राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने या मौजूदा भू-राजनीतिक मतभेदों को और गहरा करने के लिए पवित्र स्थलों से जुड़े आरोपों का फायदा न उठाएं। उन्होंने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान इस बात पर जोर देता है कि इस्लामिक पवित्र स्थलों और उनकी सुरक्षा के मुद्दे का राजनीतिकरण न किया जाए और न ही इसे झगड़े भड़काने और क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने के हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जाए।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बघाई यह बयान ऐसे समय आया जब यमन सरकार की सेना ने कहा कि उसने दक्षिण-पश्चिमी यमन के ताइज और मोचा में हूती सप्लाई और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। यमन के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष रशाद अल-अलीमी ने फ्रांस की राजदूत कैथरीन कॉर्म-कम्मौन के साथ बैठक में कहा कि हूती सेनाओं को ताइज, मारिब, लाहज, अल-जौफ, हज्जा, अल-बैदा और अल-धाले में मोर्चे पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।