मेक्सिको की सेना ने ड्रग्स कार्टेल सरगना को एनकाउंटर में मार गिराया। इसके बाद से पूरे देश में बवाल मचा हुआ है। पढ़ें पूरी खबर...
मैक्सिको की सेना ने कुख्यिता ड्रग्स कार्टेल चलाने वाले सरगना रूबेन ऊर्फ एल मेंचो को एनकाउंटर में मार गिराया है। मेक्सिको प्रशासन के मुताबिक CJNG कार्टेल के चीफ को सेना ने जलिस्को इलाके में ढेर कर दिया है। प्रशासन ने इसे ड्रग्स कार्टेल के खिलाफ बड़ी जीत करार दिया है। खबर यह भी सामने आई है कि सेना ने एल मेंचो के एक बेटे को भी पकड़ लिया गया है।
इधर, एल मेंचो की हत्या के बाद उसके समर्थकों ने जेलिस्को और दूसरे राज्यों में जमकर कोहराम मचाया। मेंचो के लोगों ने सड़कों पर खड़ी सैंकड़ों गाड़ियों में आग लगा दी। इस दौरान जेलिस्को के शहर प्यूर्टो वालार्टा के एयरपोर्ट पर भी कोहराम की स्थिति बन गई। एयरपोर्ट पर लोग इधर-उधर भागते हुए दिखे। वहीं, एयर कनाडा ने कहा कि शहर में चल रही सैन्य कार्रवाई की वजह से वह प्यूर्टो वालार्टा के लिए फ्लाइट्स सस्पेंड कर रहा है और कस्टमर्स को अपने एयरपोर्ट पर न जाने की सलाह दी।
कुख्यात ड्रग्स सरगना के सिर पर अमेरिकी विदेश विभाग ने 15 मिलियन यूएस डॉलर यानि करीब 1 अरब 36 करोड़ रुपए का इनाम रखा था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यू जेनरेशन कार्टेल CJNG को एक विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया था। इस कार्टेल का गठन साल 2009 में हुआ था। इसने तेजी से अमेरिका, मेक्सिको और दक्षिण अमेरिकी देशों में पैर पसार लिए थे।
एल मेंचो का यह कार्टेल सेना पर भी हमले करने से नहीं डरता है। साल 2020 में इसी ग्रुप ने ने मेक्सिको सिटी के बीचोंबीच तत्कालीन पुलिस प्रमुख पर ग्रेनेड और अत्याधुनिक हथियारों से हमला किया था। अमेरिकी ड्रग्स प्रवर्तन एजेंसी के अनुसार यह कार्टेल सिनालोआ कार्टेल के बराबर जितना बड़ा है। यह अमेरिका के 50 राज्यों में ड्रग्स का कारोबार चलाता है। फेंटानिल व मेथामफेटामीन के कारोबार से अरबों डॉलर कमाता रहा है।
जेलिस्को न्यू जनरेशन नाम का यह गिरोह साल 2011 में तब चर्चाओं में आया था, जब इसने लॉस जीटाज गिरोह के 35 लोगों की लाशें सार्वजनिक जगह पर फेंककर दहशत फैलाई थी। इतना ही नहीं मेक्सिकन सरकार ने उस वक्त इसे देश का सबसे खतरनाक गिरोह माना था। इस गिरोह ने मई 2015 में मेक्सिको सेना के एक हेलिकॉप्टर को नष्ट कर दिया था।