
अमेरिकी सेंट्रल कमान के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर पेंटागन में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए। (फोटो: ANI)
US Army: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का नाजुक सीजफायर भले ही लागू हो, लेकिन अमेरिकी सेना इस शांति को किसी 'ब्रेक' की तरह नहीं ले रही है। सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के हालिया बयानों से यह बात साफ है कि अमेरिकी फौज इस समय का इस्तेमाल अपनी रणनीतियों को धार देने और सैन्य ताकत को अपग्रेड करने में कर रही है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या यह शांति किसी बड़े तूफान से पहले की खामोशी है?
हाल ही में 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) पर एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए एडमिरल कूपर ने बताया कि अमेरिकी सैनिक इस युद्धविराम के दौरान अत्यधिक प्रेरित और सतर्क हैं। उन्होंने स्पष्ट किया: "हमारे जवान पूरी तरह से मुस्तैद और फोकस हैं। हम इस सीजफायर के समय का उपयोग अपने हथियारों को उन्नत बनाने, सैन्य उपकरणों में संशोधन करने और अपनी युद्ध तकनीकों को और सटीक बनाने के लिए कर रहे हैं। दुनिया की कोई भी सेना हमारी तरह इतनी तेजी से खुद को परिस्थितियों के अनुसार नहीं ढालती।" अमेरिका ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि सीजफायर की इस अवधि के दौरान वह ईरानी ठिकानों पर सीधे हमले रोक देगा, लेकिन सेना की आंतरिक तैयारियां जोरों पर हैं।
पश्चिम एशिया के अपने दौरे का अनुभव साझा करते हुए कूपर ने बताया कि अमेरिकी सेना पहली बार युद्ध के मैदान में अत्याधुनिक तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रही है। उन्होंने उन विशेष टीमों से मुलाकात की, जिन्होंने ईरान के भीतर एकतरफा हमलावर ड्रोन लॉन्च किए थे। सैन्य ऑपरेशनों में तेजी से और सटीक निर्णय लेने के लिए भारी मात्रा में डेटा का विश्लेषण करने में AI की मदद ली जा रही है। हालांकि, कूपर ने जोर देकर कहा कि इस पूरी प्रक्रिया का अंतिम नियंत्रण हमेशा इंसानों के हाथ में ही रहता है। उन्होंने उन वायु रक्षा सैनिकों की भी तारीफ की, जिन्होंने हाल ही में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया था।
अमेरिकी सैन्य साझेदारी को "पहले से कहीं अधिक मजबूत" बताते हुए एडमिरल कूपर ने कहा कि उत्तरी इराक से लेकर अरब की खाड़ी तक अमेरिका ने एक बेहद सक्रिय और मजबूत रक्षात्मक रुख अपनाया हुआ है। उन्होंने सहयोगी देशों की सराहना करते हुए कहा: मध्य पूर्व में दुनिया का सबसे बड़ा एयर डिफेंस नेटवर्क तैयार किया गया है। अमेरिकी वायु रक्षा बलों को सहयोगी देशों की सेनाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर तैनात किया गया है। बहरीन, यूएई, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और जॉर्डन ने इस संकट की घड़ी में अमेरिका का असाधारण साथ दिया है।
पेंटागन में गुरुवार को हुई एक अहम ब्रीफिंग में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने साफ किया कि ईरान के खिलाफ जारी समुद्री नाकेबंदी तब तक नहीं हटेगी, जब तक आवश्यक होगा। हेगसेथ ने कड़े शब्दों में कहा,"अगर तेहरान संभावित शांति समझौते को ठुकराता है, तो अमेरिकी सेना पूरी ताकत के साथ सैन्य हमले फिर से शुरू करने के लिए तैयार है। अमेरिका अब पहले से कहीं अधिक शक्ति के साथ अपनी तैयारियां कर रहा है।" (इनपुट: ANI).
Published on:
16 Apr 2026 09:31 pm
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