
Geopolitics: पश्चिम एशिया में लगातार सुलग रही युद्ध की आग ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। ईरान, इजराइल और गाजा के बीच बढ़ते जा रहे तनाव पर संयुक्त राष्ट्र ने बहुत सख्त और गंभीर रुख अपनाया है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सभी जुझारू पक्षों से तुरंत युद्ध रोकने और संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने साफ कहा है कि इस अशांत क्षेत्र में कोई भी ऐसी कार्रवाई न की जाए, जिससे हालात काबू से बाहर हो जाएं।
यूएन प्रमुख के प्रवक्ता फरहान हक की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि लेबनान, ईरान और गाजा में चल रहे संघर्षों को सिर्फ और सिर्फ कूटनीति (राजनय) के जरिये ही सुलझाया जा सकता है। गुटेरेस ने इस बात पर जोर दिया कि इस गंभीर संकट का कोई भी सैन्य समाधान मुमकिन नहीं है। उन्होंने इजराइल की ओर से गाजा के एंट्री पॉइंट्स को बंद करने के फैसले पर गहरी आपत्ति जताई है।
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि गाजा के आम नागरिकों तक मानवीय मदद, दवाइयां और खाना बिना किसी रुकावट के तुरंत पहुंचना चाहिए, इसके लिए सभी रास्ते खोले जाएं। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के तहत नौवहन की आजादी का सम्मान होना जरूरी है। संयुक्त राष्ट्र का कड़ा संदेश है कि बंदूकें और मिसाइलें इस संकट का हल नहीं हैं। आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता आपसी बातचीत और कूटनीति ही है।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चुनावी रैली के दौरान बड़ा दावा करके सबको हैरान कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका अगले दो हफ्तों के अंदर ईरान पर 'पूर्ण विजय' हासिल कर लेगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ एक नया और ऐतिहासिक परमाणु समझौता बहुत जल्द होने वाला है।
ट्रंप ने ये बातें सीनेटर लिंडसे ग्राहम के समर्थन में आयोजित एक वर्चुअल फोन रैली के दौरान कहीं। उन्होंने दावा किया कि तेहरान के साथ पर्दे के पीछे चल रही अमेरिकी कूटनीति के बेहतरीन नतीजे मिल रहे हैं। ट्रंप के शब्दों में, हमारी बातचीत चल रही है और ईरान एक बहुत अच्छी डील चाहते हैं। वे हमें सब कुछ देने के लिए तैयार हैं, यहां तक कि वे परमाणु हथियार न बनाने पर भी राजी हो गए हैं।