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Israel Iran War: ट्रंप से 24 घंटे में दो बार हुई बातचीत के बाद नेतन्याहू का बड़ा फैसला, ईरान पर हमले रोके

Netanyahu Stops Attacks on Iran: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान पर हमले रोकने का ऐलान किया है। यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से 24 घंटे में दो बार हुई बातचीत के बाद सामने आया है। हालांकि इजरायल ने अभी तक औपचारिक सीजफायर की पुष्टि नहीं की है।

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भारत

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Rahul Yadav

Jun 08, 2026

Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu

Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu (Image: ANI)

Israel Iran War: इजरायल और ईरान के बीच पिछले 24 घंटों में हुए भीषण सैन्य टकराव के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा बयान दिया है। नेतन्याहू ने कहा कि फिलहाल इजरायल ने ईरान पर अपने हमले रोक दिए हैं। हालांकि उन्होंने औपचारिक युद्धविराम (सीजफायर) की घोषणा नहीं की, लेकिन साफ संकेत दिया कि इस समय दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई थम गई है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कथित तौर पर नेतन्याहू से बातचीत कर तनाव कम करने की अपील की थी।

नेतन्याहू बोले- फिलहाल थम चुकी है आग

ईरान और इजरायल के बीच हालिया हमलों के बाद नेतन्याहू ने कहा कि इस समय आग थम चुकी है। उन्होंने दावा किया कि तेहरान में इजरायली कार्रवाई के बाद ईरान ने हमले बंद कर दिए हैं। हालांकि उन्होंने साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि ईरान ने दोबारा हमला किया तो इजरायल पूरी ताकत से जवाब देगा।

नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल अपने दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखता है और भविष्य में किसी भी खतरे का जवाब देने में पीछे नहीं हटेगा।

ट्रंप और नेतन्याहू के बीच दो बार हुई बातचीत

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच पिछले 24 घंटों में दो बार फोन पर बातचीत हुई। बताया गया कि ट्रंप ने नेतन्याहू से ईरान के खिलाफ जवाबी हमलों को रोकने और कूटनीतिक प्रयासों को मौका देने की अपील की थी।

रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन इस समय ईरान के साथ व्यापक समझौते और क्षेत्रीय शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में अमेरिका नहीं चाहता कि नया सैन्य टकराव इन कोशिशों को पटरी से उतार दे।

कैसे बढ़ा था तनाव?

तनाव उस समय बढ़ गया जब इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल की ओर मिसाइलें दागीं। इसके बाद दोनों देशों के बीच हमलों का सिलसिला शुरू हो गया। इजरायल ने ईरान के कुछ रणनीतिक और औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की।

इस टकराव ने पूरे पश्चिम एशिया में बड़े युद्ध की आशंका बढ़ा दी थी। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की।

ईरान ने भी हमले रोकने का संकेत दिया

इजरायल के बयान से पहले ईरान की ओर से भी संकेत मिले थे कि वह फिलहाल अपनी सैन्य कार्रवाई रोक रहा है। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि अगर इजरायल आगे हमला नहीं करता है तो वे भी संघर्ष को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। हालांकि तेहरान ने चेतावनी दी कि किसी भी नई सैन्य कार्रवाई का जवाब पहले से ज्यादा कड़ा होगा।

क्या सीजफायर हो गया है?

फिलहाल दोनों देशों ने औपचारिक रूप से किसी नए सीजफायर समझौते की घोषणा नहीं की है। हालांकि इजरायल और ईरान दोनों ने हमले रोकने की बात कही है और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी दावा किया है कि दोनों पक्ष तत्काल संघर्ष विराम की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है और किसी भी नई घटना से तनाव फिर बढ़ सकता है।

पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों पर नजर

इस पूरे घटनाक्रम पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं। अमेरिका समेत कई देश क्षेत्र में स्थायी शांति और व्यापक समझौते की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि इजरायल और ईरान के बीच अविश्वास इतना गहरा है कि किसी भी समझौते तक पहुंचना आसान नहीं माना जा रहा।

फिलहाल दोनों देशों की ओर से हमले रुकने की खबर ने राहत जरूर दी है, लेकिन क्षेत्र में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह केवल अस्थायी विराम है या फिर किसी बड़े कूटनीतिक समाधान की शुरुआत।