
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि ईरान की तरफ से यह भी साफ कर दिया गया है कि बातचीत किसी भी हथियार से ज़्यादा असरदार है और ईरानी पक्ष बातचीत के लिए तैयार है। इसी बीच ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने एक बड़ा बयान दिया है।
गालिबफ ने हाल ही में अमेरिका के साथ ही इज़रायल पर भी निशाना साधते हुए कहा, "युद्ध के दौरान देश के दुश्मनों ने पूरी ताकत से हमला किया था। लेकिन शहीदों, हमारे शहीद इमाम के आशीर्वाद और हमारी सेना और लोगों के संकल्प और जोश की दम पर हमने दुश्मन को एक अहम सबक सिखाया। हमें उम्मीद है कि शहीदों के नेक परिवारों की नेक दुआओं से देश की एकजुटता और एकता दिन-ब-दिन और मज़बूत होगी। अल्लाह की कृपा और सुप्रीम लीडर के नेतृत्व में देश मौजूदा खतरों और साजिशों से पार पा लेगा।"
गालिबफ ने हाल ही में ईरान के बासिज संगठन के पूर्व प्रमुख मेजर जनरल घोलमरेज़ा सोलेमानी (Gholamreza Soleimani) के परिवार से मुलाक़ात की। इस मुलाकात के दौरान ही ईरानी संसद के स्पीकर ने यह बात कही। सोलेमानी की मौत युद्ध के दौरान हुई हुई थी।
ईरान ने हाल ही में फिर से अपना पक्ष रखा है और साफ कर दिया है कि वो शांति चाहता है और युद्ध-विराम व बातचीत फिर से शुरू करने के लिए अपनी शर्तें भी बताई हैं। हालांकि ईरान ने यह भी बता दिया है कि वो आक्रामकता के दबाव में झुकेगा नहीं। गालिबफ ने कुछ दिन पहले ही चेतावनी दी थी कि ईरान बिना किसी रोक-टोक के अपनी मर्ज़ी से कहीं भी मिसाइल अटैक कर सकता है। ईरानी संसद के स्पीकर ने साफ कर दिया है कि ईरान की मिसाइलें बिना किसी रोक-टोक के किसी भी जगह को निशाना बना सकती हैं। मौजूदा हाइब्रिड संघर्ष, जिसमें आर्थिक, सैन्य, कूटनीतिक और अन्य पहलू शामिल हैं, में ईरान कभी भी घुटने नहीं टेकेगा और न ही देश की प्रगति को रुकने देगा। ईरान पूरी ताकत के साथ किसी भी हमले का जवाब देगा, जैसा कि उसने अब तक किया है। ईरान ने हर मोर्चे पर दुश्मन को बेअसर कर दिया है।"